सम्मान 30 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा
लखनऊ। उर्वरक क्षेत्र की अग्रणी सहकारी संस्था इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) द्वारा वर्ष 2025 के इफको साहित्य सम्मान के लिए कथाकार मैत्रेयी पुष्पा एवं इफको युवा साहित्य सम्मान 2025 हेतु अंकिता जैन के नाम की घोषणा की गई है। रचनाकारों का चयन वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांता की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने किया है। इस वर्ष की सम्मान चयन समिति में नासिरा शर्मा, अनंत विजय, यतीन्द्र मिश्र, उत्कर्ष शुक्ल एवं डॉ. नलिन विकास शामिल थे।
मैत्रेयी पुष्पा का जन्म 30 नवम्बर, 1944 को अलीगढ़ जिले के सिकुर्रा गांव में हुआ। आरम्भिक जीवन जिÞला झांसी के खिल्ली गाँव में बीता। आपने बुन्देलखंड कॉलेज, झाँसी से एम.ए. (हिन्दी साहित्य) की शिक्षा ली।
आप सार्क लिट्रेरी अवार्ड, ‘द हंगर प्रोजेक्ट (पंचायती राज) का सरोजिनी नायडू पुरस्कार, मंगला प्रसाद पारितोषिक, प्रेमचन्द सम्मान, हिन्दी अकादमी का साहित्यकार सम्मान, मध्य प्रदेश साहित्य परिषद का वीरसिंह जूदेव पुरस्कार, कथाक्रम सम्मान, शाश्वती सम्मान एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का महात्मा गांधी सम्मान आदि से सम्मानित हैं।
अंकिता एक रिसर्च एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर से लेखक बनीं। जिनकी पहली किताब ऐसी वैसी औरत जागरण-नीलसन बेस्ट सेलर रह चुकी है। उनकी अन्य पुस्तकें मैं से मां तक, बहेलिए, एवं ओ रे! किसान, उपन्यास ‘मुहल्ला सलीमबाग’ एवं बाल उपन्यास आतंकी मोर को भी सराहा गया है।
अंकिता एग्रो मेन्युफेक्चरिंग फर्म वैदिक वाटिका की डायरेक्टर हैं एवं जय जंगल फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी की फाउंडिंग मेम्बर एवं डायरेक्टर हैं। जहाँ वे आदिवासी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ वनोपज पर काम कर रही हैं। लेखन एवं खेती के साथ-साथ अंकिता रशियन स्कल्पचर पेंटिंग की प्रोफेशनल आर्टिस्ट एवं टीचर हैं, जो अब ‘आर्ट एंड अंकिता’ नाम से अपना आर्ट बिजनिस कर रही हैं। जिसमें में कई तरह की सुंदर पेंटिंग्स कमर्शियल आॅर्डर पर तैयार करती हैं एवं अलग-अलग शहरों में स्कल्पचर पेंटिंग की वर्कशॉप लेती हैं।
वर्ष 2011 में इफको द्वारा शुरू किया गया यह सम्मान प्रत्येक वर्ष ऐसे हिन्दी लेखक को दिया जाता है जिसकी रचनाओं में मुख्यत: ग्रामीण व कृषि जीवन का चित्रण किया गया हो। इससे पहले यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, अष्टभुजा शुक्ल, कमलाकांत त्रिपाठी, रामदेव धुरंधर, रामधारी सिंह दिवाकर, महेश कटारे, रणेंद्र, शिवमूर्ति, जयनंदन, मधु कांकरिया और चंद्रकिशोर जायसवाल को प्रदान किया गया है। इस पुरस्कार के अन्तर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र तथा ग्यारह लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया जाता है।
इफको युवा साहित्य सम्मान के अंतर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और ढाई लाख रुपये का चैक प्रदान किया जाएगा। मैत्रेयी पुष्पा एवं अंकिता जैन को यह सम्मान 30 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।





