50 से अधिक संतों के सान्निध्य में पाषाण से परमात्मा बनने की गूंजेगी गाथा
21 फुट ऊँची पद्मासन प्रतिमा का होगा महामस्तकाभिषेक और विश्व शांति महायज्ञ
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल आगमन आज
लखनऊ । काकोरी स्थित ‘भगवान श्री पार्श्वनाथ धाम’ (अमेठिया, सलेमपुर) में 24 जून से 29 जून तक एक ऐतिहासिक एवं भव्य धार्मिक समागम होने जा रहा है। सकल दिगम्बर जैन समाज, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित होने वाले ‘श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ में भगवान आदिनाथ की 21 फुट ऊँची विशाल पद्मासन प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक बृजेश जैन ‘बंटी’ ने बताया कि इस छह दिवसीय महोत्सव के दौरान विश्व शांति महायज्ञ और भव्य महामस्तकाभिषेक का भी आयोजन होगा, जो क्षेत्र में सुख, समृद्धि और शांति का संदेश देगा। समिति के वरिष्ठ सदस्य विशाल जैन ने बताया कि लखनऊ के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब एक साथ लगभग 50 पिच्छिधारी मुनिराजों और आर्यिका माताओं का पावन सान्निध्य राजधानीवासियों को प्राप्त होने जा रहा है। समिति के अध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि कार्यक्रम परम पूज्य चर्याशिरोमणि पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में होगा।
आचार्य श्री का आगमन आज
मुख्य संयोजक बृजेश जैन बंटी जैन ने बताया है कि 23 जून को प्रात: 6:00 बजे हरदोई रोड स्थित निर्वाण लॉन पर मंगल गीत, जयकारों एवं पुष्पवर्षा के साथ आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज की भव्य अगवानी के बाद आचार्य श्री को भव्य शोभायात्रा के साथ काकोरी जैन मंदिर ले जायेंगे। इस महोत्सव में *पाषाण से परमात्मा बनने की यात्रा का सजीव मंचन होगा, जिसमें भगवान के गर्भ, जन्म, तप, केवलज्ञान एवं मोक्ष कल्याणकों का भव्य आयोजन किया जाएगा।





