लखनऊ। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में डीएलएड के छात्र ने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज के टीचर वाइवा और अतिरिक्त फाइल बनाने का दबाव बना रहे थे। इसकी वजह से बेटे ने यह कदम उठाया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ठाकुरगंज के हुसैनाबाद निवासी शबीब जहां के मुताबिक उनके बेटे शाहरुख ने बीटेक किया था। बीटेक के बाद उसने एक वर्ष तक निजी कंपनी के लिए वर्क फ्राम होम काम भी किया था। जिसके बाद शाहरुख ने काकोरी स्थित राम प्रसाद बिस्मिल कॉलेज से डीएलएड में दाखिला लिया था। वह इस समय चौथे सेमेस्टर का छात्र था। कुछ दिन पहले कॉलेज की तरफ से कन्या विद्यालय में इंटर्नशिप लगाई गई थी। जहां उसका उत्पीड़न किया जाने लगा। घर वालों का आरोप है कि पिछले कई महीने से कॉलेज के टीचर गौतम चंद्र प्रजापति बेटे पर वाइवा और अतिरिक्त फाइल बनाने का दबाव डाल रहे थे।
मृतक की मां ने बताया कि शाहरुख अक्सर शिक्षक पर पैसे मांगने की बात बताता था। पैसे देने पर अच्छे नंबर से पास करवाने व नौकरी लगवाने की बात कहता था। पैसे न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी देता था। इसके चलते बेटा सदमे में चल रहा था। वह गुमसुम रहता था। वह अकेले में रहना पसंद करता था। हालांकि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं, कॉलेज मैनेजमेंट से जुड़े इरफान ने बताया कि कॉलेज में शिक्षक गौतम चंद्र प्रजापति को लेकर पहले किसी भी छात्र की तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई है। शाहरुख की भी कोई शिकायत नहीं आई है। ऐसे में शिक्षक के प्रताड़ना की बात सही नहीं है। इस समय सभी छात्रों की टीचर ट्रेनिंग चल रही है।
फिर भी इस मामले में शिक्षक से पूछताछ की जाएगी। अगर कोई जांच होगी, तो पूरा सहयोग किया जाएगा। वहीं मृतक की मां ने कहा कि बेटे पर टीचर वाइबा और अतिरिक्त फाइल बनाने का दबाव डाल रहा था। एसीपी चौक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मृतक की मां शबीब उन्नाव के औरास में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। जबकी वहीं बड़ी फरजीन वकील हैं।





