-
नदी के पास 25 जिलों में समय से पूरा हो बायो-डाइवर्सिटी पार्क का काम
लखनऊ। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गुरुवार को कहा कि गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए नदी के आसपास क्षेत्रों में किसी भी तरह का साॅलिड एवं अन्य वेस्ट की डंपिंग न की जाये और पुराने जमा कचरों को भी साफ किया जाये। गंगा के पास बसे 25 जिलों में बायो-डायवर्सिटी पार्क की स्थापना का काम समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाये।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के लिए शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में कृषि, नगर विकास, ग्राम्य विकास, नमामि गंगे, जल निगम सहित संबंधित अन्य विभागों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान तिवारी ने रिहायशी और कृषि भूमि पर बनी औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के संबंध में जल्द से जल्द पुख्ता कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रामसार की अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सात वेटलेण्ड को संरक्षित करने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी करायी जाये। इसके अलावा ध्वनि और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पर भी चर्चा की गयी और ज़रूरी निर्देश भी दिये गये।
बैठक में बताया गया कि एनजीटी के आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पाइप पेयजल परियोजना के तहत हिंडन नदी के दोआबा क्षेत्र में भू-जल प्रभावित 148 ग्रामों में से 103 ग्रामों में स्वच्छ जल आपूर्ति कराने का कार्य पूरा कर लिया गया है और बचे हुए 45 ग्रामों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम 31 दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एवं बुढ़ाना में 10 एमएलडी एसटीपी की निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाने के फलस्वरूप मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एसटीपी पर बाउंड्री वाल का काम शुरू करा दिया गया है।
इसके अलावा सहारनपुर में 93.6 एमएलडी एसटीपी की डीपीआर नेशनल मिशन फाॅर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) नई दिल्ली के अनुमोदन और धनराशि जारी करने के लिए भेजी गयी है। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दोषी उद्योगों पर 9.40 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगायी गयी है, जिसके विरुद्ध 3.75 करोड़ रुपये की वसूली भी कर ली गयी है।
इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि एनजीटी द्वारा पारित आदेशों के क्रम में शासन स्तर पर जारी निर्देशों का अनुपालन संबंधित विभागों द्वारा तत्परता के साथ किया जाये। समय-समय पर जारी आदेशों का समय से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाये।





