युवा दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया
लखनऊ। दयाल पैराडाइज, गोमती नगर लखनऊ में रोटरी क्लब द्वारा आयोजित सत्कार समिट में संस्था विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर, लखनऊ द्वारा चन्द्रभाष सिंह के निर्देशन में उत्तर प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति, ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय भावना को समर्पित नृत्य-नाटिका बूँद-बूँद मिलकर बने लहर का प्रभावशाली मंचन देशभर से आये युवा दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। इस नृत्य-नाटिका में राम की मयार्दा, कृष्ण का प्रेम, अवध की तहजीब, ब्रज की माधुर्य और स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला को भावपूर्ण नृत्य, संगीत और सशक्त नरेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आरंभ शुभ मंगलाचरण गीत ह्लशुभ दिन आयो रेह्व से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद लखनऊ की पहचान—अवध की लोक संस्कृति, शेरो-शायरी, नवाबों की नजाकत, सिपाहियों की तलवार और पायलों की झंकार—को कथक नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया।
नृत्य-नाटिका में अयोध्या, मथुरा और वृंदावन की सांस्कृतिक यात्रा को भावनात्मक रूप से दशार्या गया। जहाँ अयोध्या में राम जीवन का आदर्श बने, वहीं मथुरा-वृंदावन में कृष्ण ने प्रेम और उल्लास से जीवन को उत्सव बना दिया। बाँसुरी कृष्ण की बाजेगी जैसे गीतों पर प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित अंश नृत्य-नाटिका का सबसे प्रभावशाली भाग रहा। 1857 की क्रांति से लेकर 9 अगस्त 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन तक की घटनाओं को सशक्त नरेशन और देशभक्ति गीत मेरा रंग दे बसंती चोला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
नृत्य-नाटिका में अवधी, बुंदेली, ब्रज और उर्दू की भाषाई मिठास के साथ-साथ लोकनाट्य, नौटंकी, रामलीला और जनमानस की परंपराओं को भी मंच पर उकेरा गया। समापन में यह संदेश दिया गया कि जिस धरती ने वेदों की वाणी दी, जहाँ गंगा-यमुना ने सभ्यता को सींचा—वही उत्तर प्रदेश आज समृद्ध भारत की धड़कन बन रहा है।
दर्शकों और अतिथियों ने नृत्य-नाटिका की भावनात्मक गहराई, विषय चयन और कलाकारों के अनुशासित प्रस्तुतीकरण की मुक्तकंठ से सराहना की। मंच पर जूही कुमारी, पलक यादव, तनिष्का कुमारी, प्राची अवस्थी,नीलम कुमारी,आयुष ,प्रेम कुमार,रोहित चौहान,मुकुल चौहान, मृत्यंजय प्रकाश, चन्द्रभाष सिंह आदि ने भिन्न भिन्न भूमिका निभाई वहीं नृत्य निर्देशन जूही कुमारी ने किया।





