नोएडा। भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार तड़के लंबी बीमारी के बाद ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सिंह 58 वर्ष के थे और कैंसर से पीड़ित थे। काफी समय से ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज हो रहा था। अस्पताल के चिकित्सकों ने यह जानकारी दी। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह लिवर के कैंसर से जूझ रहे थे। हाल में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद 21 फरवरी से वह अस्पताल में ही भर्ती थे। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली ‘वेंटिलेटर’ पर रखा गया था और आज तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
पिता की गंभीर हालत होने के कारण रिंकू सिंह को टी20 विश्वकप को बीच में छोड़कर यहां लौटना पड़ा था। हालांकि, 26 फरवरी को जिम्बाब्वे से होने वाले मैच से पहले वह वापस चेन्नई में भारतीय टीम के साथ जुड़ गए थे।
रिंकू के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने अलीगढ़ से बताया ने बताया कि खानचंद सिंह लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। अमिनी ने कहा, ”वह काफी समय से अस्वस्थ थे। उन्हें लिवर कैंसर था। पिछले तीन-चार दिनों से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
अमिनी ने बताया कि रिंकू के पिता ने अपने परिवार का भरण-पोषण करने और अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने कहा, ”खानचंद सिंह ने गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम किया और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बहुत मेहनत की।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले 28 वर्षीय रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ रहा है। अलीगढ़ में गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करने वाले खानचंद सिंह ने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में हरसंभव मदद की। परिवार ने बताया कि खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में होगा और रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए चेन्नई से लौट रहे हैं।





