back to top

न्यायालय ने बहुमत से फैसला सुनाते हुए सेंट्रल विस्टा परियोजना का किया रास्ता साफ

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सेंट्रल विस्टा परियोजना को मिली पर्यावरण मंजूरी और भूमि उपयोग में बदलाव की अधिसूचना को मंगलवार को बरकरार रखा और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के क्षेत्र में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ कर दिया। सेंट्रल विस्टा परियोजना की घोषणा सितंबर 2019 में की गई थी।

इसके तहत त्रिकोण के आकार वाले नए संसद भवन का निर्माण किया जाएगा जिसमें 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसका निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होना है। उसी वर्ष भारत 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस परियोजना के तहत साझा केंद्रीय सचिवालय का निर्माण 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।

न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्ईय पीठ ने 2:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि परियोजना के लिए जो पर्यावरण मंजूरी दी गई है तथा भूमि उपयोग में परिवर्तन के लिए जो अधिसूचना जारी की गई है, वे वैध हैं। न्यायमूर्ति खानविलकर ने अपनी तथा न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की ओर से यह फैसला लिखा जिसमें सेंट्रल विस्टा परियोजना के प्रस्तावक को सभी निर्माण स्थलों पर स्मॉग टॉवर लगाने और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

पीठ के तीसरे न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने पर्यावरण मंजूरी दिए जाने और भूमि उपयोग में बदलाव संबंधी फैसले पर असहमति जताई। शीर्ष अदालत ने बहुमत के फैसले में कहा कि नए स्थलों पर निर्माण कार्य आरंभ करने से पहले धरोहर संरक्षण समिति तथा अन्य संबंधित प्राधिाकारों से पूर्व अनुमति ली जाए। भूमि उपयोग में बदलाव के बारे में न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि कानून के तहत इसे गलत माना जाता है और इस मुद्दे पर जन भागीदारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

शीर्ष अदालत का यह फैसला उन अनेक याचिकाओं पर आया है जिनमें परियोजना को दी गई विभिन्न मंजूरियों पर आपत्ति जताई गई है, इनमें पर्यावरण मंजूरी दिए जाने और भूमि उपयोग के बदलाव की मंजूरी देने का भी विरोध किया गया है। इनमें से एक याचिका कार्यकर्ता राजीव सूरी की भी है। बीते वर्ष सात दिसंबर को शीर्ष अदालत ने केंद्र को सेंट्रल विस्टा परियोजना की आधारशिला रखने का कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी दी थी। यह कार्यक्रम दस दिसंबर को हुआ था।

इससे पहले सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि निर्माण का या ढहाने का कोई भी कार्य तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक शीर्ष अदालत मुद्दे पर लंबित याचिकाओं के बारे में फैसला नहीं ले लेती। नए संसद भवन की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी थी। नया संसद भवन 2022 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है तथा इसकी अनुमानित लागत 971 करोड़ रूपए है।

केंद्र ने शीर्ष अदालत में पहले कहा था कि परियोजना से पैसा बचेगा क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में केंद्र सरकार के कई मंत्रालय किराए की इमारतों में हैं। उसने यह भी कहा था कि नया संसद भवन बनाने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया है और परियोजना के लिए किसी भी नियम-कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है।

RELATED ARTICLES

आज का युवा जज नहीं, समझा जाना चाहता है…यही कहता है स्टार प्लस का नया शो ‘ये फितूर तेरा’

पिछले कुछ हफ्तों में देशभर के कॉलेज कैंपस और सोशल मीडिया पर युवाओं की आवाज़ पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूती से सुनाई दी है।...

पहली बार अनमोल सिनेमा पर इस शुक्रवार देखिए ‘रेड 2

मुंबई। कुछ लोग सोचते हैं कि ताकतवर कभी हारते नहीं, भ्रष्टाचारियों को क़ानून कभी छू नहीं पाता; पर इन हालात को बदलने आते हैं...

मिर्जापुर में अनियंत्रित कंटेनर घर में घुसा, बाप बेटे की मौत

मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के गैपुरा के पास बृहस्पतिवार भोर में सीमेंट लदा कंटेनर ट्रक अनियंत्रित होकर एक मकान में घुसकर पलट गया जिससे...

सावन के पहले दिन भक्तों ने किये भोलेनाथ के दर्शन, की पूजा-अर्चना

लखनऊ। आज सावन के पहले दिन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंदिरों में हर तरफ हर हर महादेव का जयघोष गूंज...

अश्विनी भिड़े देशपांडे के शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध किया

लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत समापन दिवस अत्यंत गरिमामय एवं सांस्कृतिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर...

जय जय दुर्गा माता पर मनमोहक कथक नृत्य ने सबका मन मोहा

लखनऊ। लखनऊ घराने के महागुरू पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज जी एवं पंडित रामनारायण के परम शिष्य तथा लखनऊ घराने के कथक को अन्तर्राष्ट्रीय...

सीता स्वयंवर का भावपूर्ण और रोचक वर्णन किया

लखनऊ। डालीगंज स्थित प्राचीन श्री बंदी माता मंदिर के 44वें वार्षिक उत्सव के चतुर्थ दिवस पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं रासलीला में श्रद्धा और...

आज का युवा जज नहीं, समझा जाना चाहता है…यही कहता है स्टार प्लस का नया शो ‘ये फितूर तेरा’

पिछले कुछ हफ्तों में देशभर के कॉलेज कैंपस और सोशल मीडिया पर युवाओं की आवाज़ पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूती से सुनाई दी है।...

पहली बार अनमोल सिनेमा पर इस शुक्रवार देखिए ‘रेड 2

मुंबई। कुछ लोग सोचते हैं कि ताकतवर कभी हारते नहीं, भ्रष्टाचारियों को क़ानून कभी छू नहीं पाता; पर इन हालात को बदलने आते हैं...