लखनऊ, विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा उत्तर प्रदेश आज देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा और उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी सरकार की हैट्रिक होगी।
लखनऊ में आयोजित एक निजी चैनल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सामने नौ वर्षों का रिपोर्ट कार्ड है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया है, जिसका परिणाम आज हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि उसका विकास मॉडल सफल होता तो उत्तर प्रदेश बहुत पहले ही बर्बाद हो चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी परियोजना, गोमती रिवर फ्रंट और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई गई थी, लेकिन 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी परियोजना अधूरी रही। इसी प्रकार गोमती रिवर फ्रंट की 166 करोड़ रुपये की डीपीआर के मुकाबले लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद समीक्षा में पता चला कि परियोजना के लिए भूमि तक उपलब्ध नहीं थी। नई टेंडर प्रक्रिया अपनाकर कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाला एक्सप्रेसवे बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा बदलाव कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में आया है। पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति प्रदेश की पहचान बन चुके थे, जबकि आज प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और उपद्रव से मुक्त होकर निवेश का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी, उद्योगपति और आम नागरिक असुरक्षा के माहौल में रहते थे, लेकिन अब कानून का राज स्थापित होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश निवेश के लिए सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की हैं, जिनके परिणामस्वरूप 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुका है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू होगा। इन निवेशों से लगभग 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन चुका है। प्रदेश में 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) संचालित हैं, जिनसे सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। प्रत्येक इकाई को सामाजिक सुरक्षा बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। किसानों को मुफ्त बिजली, समय पर उर्वरक, सिंचाई सुविधा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और अधिकांश चीनी मिलें चार दिन के भीतर भुगतान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित कर रहा है। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में लगभग 60 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश का है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो हवाई अड्डे संचालित थे, जबकि आज 17 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। पांच नए एयरपोर्ट पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। सात शहरों में मेट्रो सेवा और वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विकास की नई पहचान बनी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बन चुका है। आवास, शौचालय, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और अन्य योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि ई-पॉस मशीनों के माध्यम से लगभग 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। 80 हजार से अधिक उचित मूल्य की दुकानों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने से पारदर्शिता बढ़ी है और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस से हर वर्ष 1200 से 1500 बच्चों की मौत होती थी, लेकिन प्रभावी स्वास्थ्य प्रबंधन और जागरूकता के कारण अब ऐसी मौतें लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
हिंदू आस्था को बदनाम करना न्यायसंगत नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह घटना निश्चित रूप से सभी रामभक्तों को आहत करने वाली है, लेकिन सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एक स्वतंत्र ट्रस्ट है, जिसमें सरकार का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता।
ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपितों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी कराई तथा नैतिक आधार पर दो लोगों ने इस्तीफा भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई होने के बावजूद इस मामले के बहाने अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और हिंदू आस्था को बदनाम करना न्यायसंगत नहीं है। आज अयोध्या देश और दुनिया के लिए आस्था और विकास का मॉडल बन रही है।
उत्तर प्रदेश जब अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है तो इससे कुछ लोगों को पीड़ा हो सकती है, लेकिन हिंदू आस्था पर प्रहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अयोध्या और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। होटल, टैक्सी, फूल विक्रेता, नाविक, रिक्शा चालक और छोटे व्यापारियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम मंदिर का विरोध किया और अदालत में भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश उचित नहीं है।





