- बुंदेलखंड को कोई विकास और जल से वंचित नहीं कर सकता : योगी
झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को झांसी पहुंचे। यहां उन्होंने जल जीवन मिशन, उत्तर प्रदेश (हर-घर-जल) के अंतर्गत पहले चरण में बुंदेलखंड में 2185 करोड़ रुपये की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब बुंदेलखंड, भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार के नेतृत्व में कार्य कर रहा है।
अब इसे विकास और शुद्ध पेयजल से भी कोई वंचित नहीं कर सकता है। सीएम योगी ने कहा कि देश के जल जीवन मिशन का पहला केंद्र बिंदु यह बुंदेलखंड क्षेत्र बन रहा है, जो कभी सूखे के लिए अभिशप्त माना जाता था। सीएम योगी ने कहा कि सर्वे का कार्य प्रारम्भ करने के साथ ही हमारे सामने यह लक्ष्य था कि जो कार्य योजना बने, वह ऐसी हो कि कार्यदायी संस्था अगले दस वर्षों तक ग्राम पंचायत के साथ मिलकर उसके मेंटिनेंस की जिम्मेदारी भी उठा सके।
बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना का प्रारम्भ होने जा रहा कार्य
सीएम योगी ने कहा कि फरवरी, 2019 में प्रधानमंत्री ने झांसी में ‘बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना‘ का शिलान्यास किया था। इस दौरान हमने पूरे बुंदेलखंड में 4,513 राजस्व ग्रामों में सर्वे का कार्य किया था। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना‘ का कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है। आगामी दो वर्षों में हर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री मोदी की ‘हर घर जल‘ योजना को साकार करने हेतु कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए आपके बीच उपस्थित हुए हैं।
67 लाख ग्रामीण आबादी को उपलब्ध कराया जाएगा पानी
10,131.92 करोड़ रुपये की इस योजना से बुंदेलखंड की 67 लाख ग्रामीण आबादी को नलों के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में यह योजना चार चरणों में पूरी की जानी है। इसके पहले चरण की शुरुआत बुंदेलखंड से हुई है। योजना के तहत बुंदेलखंड के सातों जिलों के 3622 राजस्व गांवों की लगभग 67 लाख आबादी को 479 योजनाओं के अंतर्गत पाइप पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
559 राजस्व ग्रामों की 9,87,689 आबादी को मिलेगा लाभ
झांसी में 1627.94 करोड़ की लागत वाली 10 योजनाएं सतही स्रोत (सरफेस वाटर) पर आधारित होंगी, जिनका लाभ 644 राजस्व गांवों की 11,42,249 लोगों मिलेगा। ललितपुर में 1623.47 करोड़ की लागत वाली 16 सर.फेस वॉटर रिसोर्स और 12 भूजल (ग्राउंड वाटर) आधारित ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसका लाभ 559 राजस्व ग्रामों की 9,87,689 आबादी को मिलेगा। महोबा में 1219.74 करोड़ की लागत से 364 राजस्व ग्रामों के 6,68,660 लोग लाभान्वित होंगे। इस योजना के साकार होने के बाद बुंदेलखंड में पेयजल की समस्या नहीं रहेगी। ग्रामीण आबादी की हैंडपंप, कुओं पर निर्भरता खत्म होगी।





