सीजेपी सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है
नयी दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पीएम-केयर्स फंड की राशि का इस्तेमाल देशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और उनके विकास के लिए करने की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फंड के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 8,400 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल राशि का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि इस फंड का 93 प्रतिशत हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में क्यों रखा गया है और बैंकों से प्राप्त होने वाली भारी-भरकम ब्याज की राशि किसके पास जा रही है।
हाल ही में जारी पीएम-केयर्स फंड की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की समाप्ति पर फंड में कुल 8,452 करोड़ रुपये मौजूद थे। इसमें से 7,846 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट और लगभग 605 करोड़ रुपये सेविंग्स अकाउंट्स में जमा थे, जबकि इस दौरान केवल 88 लाख रुपये ही खर्च किए गए और ब्याज के रूप में लगभग 475 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम-केयर्स फंड हालांकि राष्ट्रीय आपातकाल के लिए है, लेकिन देश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी किसी आपातकाल से कम नहीं है। उन्होंने इस फंड की पूरी राशि से ग्रामीण स्कूलों की स्थिति में बड़ा सुधार लाने और जनहित में इसका बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया।





