लखनऊ। मिशन कर्मयोगी में यूपी के 20 लाख में 19,99,497 कर्मी आॅनबोर्ड हो चुके हैं, 1,00,68,866 कोर्स पूरा कर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा है कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य प्रदेश के कार्मिकों को तकनीकी, व्यावहारिक एवं कार्यात्मक रूप से दक्ष बनाना है। उन्होंने प्रदेश को देश में सर्वाधिक एआई दक्ष बैज धारकों एवं कर्मयोगी उत्कर्ष बैज धारकों वाला राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
मुख्य सचिव ने शुक्रवार को मिशन कर्मयोगी की समीक्षा बैठक में कहा कि कर्मयोगी पोर्टल पर निष्क्रिय कर्मियों को सक्रिय करने का अभियान चलाएं। प्रत्येक विभाग से लेकर जिला स्तर तक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, समन्वय व सतत निगरानी के लिए उत्तरदायी होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपयोगकर्ता की ओर से न्यूनतम चार घंटे की लर्निंग अनिवार्य रूप से पूरी की जाए, इसमें कम से कम एक घंटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित कोर्स करें।
उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी दैनिक प्रगति रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी एवं कार्मिक विभाग को भेजेंगे। विभागीय व जमीनी स्तर पर भारतीय ज्ञान प्रणाली, प्रौद्योगिकी, शासन सुधार आदि विषयों पर नियमित वेबिनार, समूह चर्चा एवं पैनल चर्चा आयोजित किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2 से 8 अप्रैल तक साधना सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इसमें सभी कर्मचारियों को पोर्टल पर चार घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा करना होगा।





