back to top

और अब टिड्डियों की मार

वर्षा और अनुकूल वातावरण के कारण टिड्डी दलों का कुनबा बहुत तेजी से बढ़ रहा है और यह खेती पर बड़ा संकट बन गया है। टिड्डी हमले का खतरा चार-पांच महीने पहले से ही बढ़ने लगा था जब पाकिस्तान की तरफ से राजस्थान में बड़े टिड्डी दल का हमला हुआ था। अगर टिड्डियों को राजस्थान में नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता तो आज यह राष्ट्रव्यापी संकट नहीं बनता। लेकिन संकट से निपटने की हमारी लचर रणनीति बार-बार पूरे राष्ट्र को संकट में डाल देती है।

कोरोना संकट में भी यह देखने को मिला और अब टिड्डी दलों का हमला जिस तरह से राष्ट्रीय संकट बनता जा रहा है उससे भी स्पष्ट है। देश में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी को रिपोर्ट किया गया था। अगर तभी से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की निगरानी की जाती, विदेश से आये लोगों को क्वारंटीन किया जाता तो देश में इसे फैलने से रोका जा सकता था। प्रधानमंत्री ने 25 मार्च से जब राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन घोषित किया दरअसल उससे पहले देश में कोरोना फैल चुका था। इसी बीच निजामुद्दीन आउटब्रेक सामने आया जिससे स्पष्ट हो गया कि कोरोना के मामले पूरे देश में फैल चुके हैं।

निजामु्द्दीन घटना के बाद जब टेस्टिंग एवं कान्टैÑक्ट टेÑसिंग बढ़ायी गयी तो मामले बढ़ते गये और अब तो आंकड़ा प्रतिदिन 20 हजार को भी पार कर गया है। अब कोरोना को रोकना आसान नहीं है। जब तक इसकी दवाई और वैक्सीन विकसित नहीं कर ली जाती, तब तक देश को कोरोना संकट के बीच ही जीना पड़ेगा। कोरोना संकट से पूरी दुनिया त्राहि-त्राहि कर रही है लेकिन इसी बीच जिस तरह से टिड्डी दल कई महीनों तक राजस्थान में उत्पात मचाने के बाद अब पूरे देश में फैल गये हैं यह भी लापरवाही को ही बयां करती है।

जब राजस्थान में टिड्डियों का आतंक चल रहा था तभी इनको संगठित रूप से खत्म करने का प्रयास किया जाता तो मामला आगे नहीं बढ़ता। लेकिन टिड्डी दलों को खत्म करने के बजाय थाली, ट्रम व ढोल बजाकर इनको भगाने की तरकीब अपनायी गयी जिससे यह फैलती ही गयीं। जब एक खेत से टिड्डी को भगाया जाता है तो यह दूसरे खेत में पहुंच जाती हैं। टिड्डियां दिनभर कहर बरपाने के बाद रात में एक झुंड में आराम करती हैं। अगर रात में हेलीकॉप्टर, ड्रोन या लंबी दूरी तक स्पे्र करने वाले फव्वारे से कीटनाशक छिड़क कर टिड्डी दल को रोका जाता तो इन्हें राजस्थान में ही मारा जा सकता था।

इससे खतरा टल जाता। लेकिन किसान खेतों से भगाते रहे और यह आगे बढ़ते रहे। अब टिड्डी दल पूरे देश में फैल गये हैं। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, यूपी व बिहार में टिड्डी कहर बरपा रहे हैं। प्रदेश में राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश से अलग-अलग रास्तों से टिड्डी प्रवेश कर चुके हैं और आधे से अधिक जिले इनके निशाने पर हैं। बेहतर मानसून के कारण खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपाई चल रही है।

अगर टिड्डी दलों का आतंक जारी रहा तो छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों के लिए टिड्डी नयी मुसीबत बन जायेंगे और इनसे फसलों को बचाना बहुत कठिन हो जायेगा। इसलिए टिड्डियों का पीछा करना चाहिए और रात में जब ये आराम करें तो इनपर दवा छिड़ककर मारना चाहिए। थाली-ढोल बजाकर सिर्फ भगाया गया तो अनुकूल मौसम में इनकी आबादी और हमले बढ़ते ही जायेंगे।

RELATED ARTICLES

7 साल से न बैठे, न लेटे…माघ मेले में इस युवा साधु ने सबको चौंकाया

प्रयागराज। प्रयागराज में आस्था का केंद्र बने माघ मेले में मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक माहौल के बीच साधुओं की विभिन्न भावभंगिमाएं और विचित्र व्यवहार बरबस...

विनायक चतुर्थी कल, भक्त करेंगे श्रीगणेश की पूजा

और मनुष्य को ज्ञान, बुद्धि व सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता हैलखनऊ। हिंदू धर्म में प्रत्येक मास की चतुर्थी तिथि भगवान श्रीगणेश की आराधना...

मासिक शिवरात्रि 19 को, होगी भगवान शिव की पूजा

सभी इच्छाएं महादेव पूरी करते हैंलखनऊ। मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित व्रत है। इस दिन श्रद्धापूर्वक महादेव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के...

वैलेंटाइन वीक : चॉकलेट डे पर रिश्तों में बिखरी प्यार की मिठास

लखनऊ। वैलेंटाइन सप्ताह के तीसरे दिन चॉकलेट डे के रूप में मनाया गया। इस दिन लोग अपने प्रिय को चॉकलेट देते हैं। चॉकलेट रिश्तों...

चॉल में रहने वाले बेरोजगार महादेव की कहानी है ‘गांधी टॉक्स’

'गांधी टॉक्स' इस बार एक ऐसा अनोखा सिनेमाई अनुभव जरूर दे जाती हैलखनऊ। बिना डायलॉग्स के स्टोरी टेलिंग काफी चुनौतीपूर्ण होती है। खासकर आजकल...

साल का पहला शनि प्रदोष व्रत 14 को, होगी शिवजी की पूजा

लखनऊ। साल का पहला शनि प्रदोष व्रत बेहद खास रहने वाला है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व है। इस दिन व्रत...

28 फरवरी की शाम आसमान में लगेगी 6 ग्रहों की कतार

लखनऊ। 28 फरवरी 2026 को शाम ढलते ही आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह...

हर हर महादेव के जयघोष संग निकली कलश यात्रा

कलश यात्रा के साथ ही श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भी किया गयालखनऊ। ठाकुरगंज स्थित श्री कल्याण गिरि मंदिर से भव्य, दिव्य एवं...

चित्रकारी में विवेकानन्द, क्ले मॉडलिंग में श्रद्धा और कलश अलंकरण में अन्नपूर्णा अव्वल

राज्य ललित कला अकादमी के स्थापना दिवसलखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी के स्थापना दिवस पर हुए तीन दिवसीय ललित कला उत्सव का समापन सोमवार...