-कमता स्थित शंकरपुरी कालोनी में 25 दिसम्बर तक हो रहा है एकादश श्रीमद् भागवत कथा, कमता महोत्सव एवं 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ एवं भण्डारे का आयोजन
लखनऊ। एकादश श्रीमद् भागवत कथा, कमता महोत्सव एवं 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ एवं भण्डारे का आयोजन 25 दिसम्बर तक कमता स्थित शंकरपुरी कालोनी में किया जा रहा है। इसमें महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने मंगलवार 16 दिसम्बर को संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प, अटूट भक्ति और ईश्वर पर परमविश्वास से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
आचार्य देवकीनंदन मिश्रा के संयोजन में हो रहे इस वार्षिक 11वें महा अनुष्ठान में आगंतुक सौभाग्यशाली भक्तों ने सरस भजनों का भी आनंद लिया। नाम तुम्हारा तारण हारा भजन पर क्या बच्चे और क्या वरिष्ठ सभी झूम उठे। इस कथा का आयोजन दोपहर 3 से रात आठ बजे तक किया जा रहा है। मंगलवार को कथा का आरंभ मंत्रोच्चार से हुआ। उसके उपरांत आवाहन, षोडशोपचार पूजन, आरती, भजन कीर्तन किया गया। केन्द्रीय आकर्षण श्रीमद् भागवत कथा में महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री महाराज ने बताया कि ध्रुव कथा का मुख्य संदेश दृढ़ संकल्प, अटूट भक्ति और ईश्वर पर परमविश्वास है, जो सिखाता है कि कैसे कठिनाइयों के बावजूद, एकाग्र तपस्या और सच्ची प्रार्थना से कोई भी व्यक्ति असंभव को प्राप्त कर सकता है फिर चाहे वह सांसारिक सुख हो या आध्यात्मिक मुक्ति।
इस क्रम में महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री महाराज ने प्रहलाद कथा का भी वाचन किया। इसके माध्यम से उन्होंने भक्तों को जागृत करते हुए कहा कि अहंकार का अंत निश्चित होता है। भगवान हर परिस्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। प्रहलाद की कथा हमें धर्म, साहस और सच्चाई के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है।
बिजली की रोशनियों से सजे आकर्षक पंडाल और भव्य दरबार के समक्ष हर उम्र के भक्तों ने सरस भजनों का झूमते हुए आनंद लिया। मुख्य रूप से नाम तुम्हारा तारण हारा और मेरी विनती सुन लो मारुती नंदन सुनते ही बने। इसके उपरांत दूर दूर से आए भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया। सभी आगंतुकों का चंदन रोली लगाकर अभिनंदन भी किया जा रहा है।





