लखनऊ। हापुड़ में जारी वकीलों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए अधिवक्ताओं के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति के आधार पर शासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक व एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र और पुलिस उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिसौदिया का शुक्रवार को तबादला कर दिया। दोनों की जगह नए अफसरों की तैनाती भी कर दी गई है।
एडीजी प्रशासन नीरा रावत की तरफ से जारी आदेश के अनुसार एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र को एएसपी ग्रामीण बरेली के पद पर भेजा गया है। एएसपी ग्रामीण बरेली राजकुमार को उनकी जगह हापुड़ स्थानान्तरित किया गया है। एडीजी प्रशासन ने एक अन्य आदेश में हापुड़ के डीएसपी अशोक कुमार सिसौदिया को डीएसपी सहारनपुर और डीएसपी सहारनपुर जीतेन्द्र कुमार शर्मा को डीएसपी हापुड़ के पद पर स्थानान्तरित किया है। हापुड़ से हटाए गए दोनों पुलिस अधिकारियों को अपेक्षाकृत अच्छे जिले में तैनाती दी गई है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में शासन व पुलिस के आला अधिकारियों और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में इन दोनों अफसरों को हापुड़ से हटाने पर सहमति बनी थी। वहीं वकीलों पर दर्ज मुकदमें भी वापस किये जायेंगे ओर इसके साथ ही वकीलों को मुआवजा भी दिया जायेगा।
29 अगस्त से चल रही वकीलों की हड़ताल गुरुवार की देर रात समाप्त हो गई। हापुड़ की घटना को लेकर गुरुवार की देर रात यूपी सरकार के प्रतिनिधि मंडल और वकीलों के पदाधिकारी के बीच चली लंबी वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है। यूपी सरकार ने वकीलों की सभी मांगों को मान ली हैं।
सरकार ने वकीलों के सामने तर्क रखा कि जिस दिन घटना हुई मौजूदा समय में एसपी छुट्टी पर थे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज वकीलों पर सभी मुकदमे को योगी सरकार वापस लेगी। वहीं अधिवक्ता की सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाली प्रोटेक्शन एक्ट का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराया जाएगा। हापुड़ में घायल वकीलों को उचित मुआवजा दिए जाने का भी सरकार ने फैसला किया है। बार काउंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश की तरफ से बीते 29 अगस्त से चल रही हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।





