- पांच और की मौत, प्रदेश में महामारी से अब तक 182 की गयी जान
- लखनऊ में 9 नए मामले, हापुड़ में सर्वाधिक 29 पॉजिटिव मिले
- 2818 कोरोना के मामले एक्टिव, 3991 मरीज हुए डिस्चार्ज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण में फिलहाल कोई राहत की संभावना नजर नहीं आ रही है। बुधवार को प्रदेश के 75 जिलों से एक बार फिर संक्रमण के 269 नए मामले सामने आये हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमितों की आंकड़ा भी 7000 छूने वाली है। बुधवार को मिले नए मामलों के बाद प्रदेश में अब तक संक्रमण के कुल केसेस की संख्या 6991 हो गयी है। प्रदेश में संक्रमण से बुधवार को 5 और लोगों की मौत हो गयी है।
अब तक महामारी ने अब तक 182 लोगों की जान ले ली है। मरने वालों में मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर के एक-एक मरीज शामिल हैं। मुजफ्फरनगर में संक्रमण से यह पहली मौत है। राजधानी लखनऊ में कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है बुधवार को नौ और लोगों में इसकी पुष्टि हुई जिसमें सरोजनीनगर स्थित दरोगाखेड़ा में एक ही परिवार के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाये गये।
वहीं तीन जीआरपी के जवान के अलावा एक महिला जोकि केजीएमयू में कैंसर का इलाज करा रही थी वह भी कोरोना संक्रमित पायी गयी। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि प्रदेश में हर दिन संक्रमण के नए-नए हॉट बेड सामने आ रहे हैं। हापुड़ में बुधवार को एक ही दिन में प्रदेश में सबसे ज्यादा 29 लोगों की रिपोर्ट सामने आयी है। अयोध्या में भी एक साथ 23 नए मामले जांच के बाद पकड़ में आये हैं।
प्रदेश के अन्य जिलों में जौनपुर, मुजफ्फरनगर में 17, मुरादाबाद में 14, मेरठ में 13, गाजियाबाद में 11, संभल में 10 और वाराणसी में 9 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में 2818 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 3991 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुल 676 पूल टेस्ट किये गये, जिसमें से 589 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 87 पूल 10-10 सैम्पल के थे। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से कॉल किया जा रहा है। अब तक कुल 36,786 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी है।
प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा कामगारों व श्रमिकों के घर पर जाकर सम्पर्क कर उनके लक्षणों का परीक्षण कर रही हैं, जिसके आधार पर जरुरत के हिसाब से उनके सैंपल इकट्ठा कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 9,60,933 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, इनमें 945 लोगों में कोरोना के लक्षण पाये गये।
उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 93,578 निगरानी समिति के माध्यम से 73,61,323 घरों में रह रहे 3,69,89,490 लोगों से सम्पर्क किया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार लौटे हैं। कोरोना के लक्षणों से रहित लोगों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में रखा गया है।
ग्राम निगरानी और मुहल्ला निगरानी समितियों से आग्रह किया गया है कि वे क्वारंटाइन लोगों का घरों में ही रहना सुनिश्चित करें। होम क्वारंटाइन में रह रहे लोग अपने परिवार के अन्य सदस्यों से दूर रहें ताकि उन्हें किसी प्रकार का संक्रमण न हो पाए। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन में रखे गए सभी लोगों से अनुरोध है कि वे अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों, बुजुर्गों, बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ऐसे लोगों के संक्रमित होने से बहुत मुश्किलें होती हैं।





