धोनी इस समय ‘काफ स्ट्रेन’ (पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव) की समस्या से जूझ रहे हैं।
चेन्नई । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के आगाज से पहले पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खेमे से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोट के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती दो हफ्तों से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, धोनी इस समय ‘काफ स्ट्रेन’ (पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव) की समस्या से जूझ रहे हैं। मेडिकल टीम की सलाह पर वह वर्तमान में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जिसके कारण वह सीजन के पहले कुछ महत्वपूर्ण मुकाबलों में मैदान पर नजर नहीं आएंगे। धोनी की अनुपस्थिति न केवल एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर, बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में भी टीम के लिए एक बहुत बड़ी क्षति मानी जा रही है, क्योंकि मैदान पर उनकी रणनीतिक सूझबूझ का कोई सानी नहीं है।
महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल इतिहास बेमिसाल रहा है और वह इस लीग के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं। उनकी कप्तानी में चेन्नई ने पांच बार खिताब अपने नाम किया है और उनकी उपस्थिति मात्र से ही विरोधी टीमों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहता है। पिछले सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो धोनी ने 13 पारियों में 135.17 के स्ट्राइक रेट से 196 रन बनाए थे। विशेष रूप से डेथ ओवर्स में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था, जहां उन्होंने 151.72 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मैच फिनिशर की अपनी भूमिका को बखूबी निभाया था। सीजन के दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 12 छक्के निकले थे, जो यह दर्शाता है कि बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता में कोई कमी नहीं आई है। ऐसे में शुरुआती मैचों में उनके अनुभव की कमी सीएसके की मध्यक्रम की बल्लेबाजी और अंतिम ओवरों की रणनीति को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
चेन्नई सुपर किंग्स की मुसीबतें केवल धोनी की चोट तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि टीम इस समय खिलाड़ियों की इंजरी की एक लंबी सूची से जूझ रही है। शीर्ष क्रम के विस्फोटक बल्लेबाज मैथ्यू शॉर्ट भी अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण शुरुआती मैचों का हिस्सा नहीं बन पाएंगे, जिससे टीम के ओपनिंग कॉम्बिनेशन पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, तेज गेंदबाजी विभाग को भी तगड़ा झटका लगा है क्योंकि नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। एलिस की गैरमौजूदगी में डेथ ओवरों की गेंदबाजी का संतुलन बिगड़ सकता है। एक साथ तीन प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने टीम प्रबंधन और कोच स्टीफन फ्लेमिंग के सामने चयन की एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि धोनी की गैरमौजूदगी में टीम की कमान कौन संभालता है और शुरुआती मैचों में सीएसके इस संकट से कैसे उबरती है।





