लखनऊ। महाकाल को समर्पित सावन का पवित्र महीना अब समाप्त होने जा रहा है। हालांकि, इससे पहले भक्तों को सावन के आखिरी सोमवार पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष अवसर प्राप्त होगा। बता दें कि, वर्ष 2026 में सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। यह तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास मानी जाती है और शास्त्रों में भी सावन सोमवार के व्रत और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि, सावन के दौरान पूजा-पाठ, दान और पुण्य कार्य करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं। वहीं, सच्चे मन और श्रद्धा से शिवलिंग पर अर्पित किया गया जल भी महादेव को प्रिय माना जाता है। ऐसे में सावन के आखिरी सोमवार पर कुछ विशेष उपाय करना जीवन में सुख, शांति और तरक्की के लिए लाभकारी माना जाता है। सावन के आखिरी सोमवार के दिन पूवार्षाढा नक्षत्र बन रहा है। इसके अलावा प्रीति और आयुष्मान योग का संयोग भी रहेगा। सुबह 11:59 से 12:47 तक अभिजीत मुहूर्त रहने वाला है। ज्योतिष दृष्टि से भी यह तिथि खास है, क्योंकि सूर्य-बुध का बुधादित्य योग इस दिन बन रहा है।
सावन सोमवार पर करें ये उपाय
सावन के आखिरी सोमवार के दिन पंचामृत से महादेव का अभिषेक करें। मान्यता है कि, इससे जीवन में सकारात्मक और अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सावन सोमवार के दिन सफेद चीजों का दान अवश्य करें। मान्यता है कि, यह उपाय जीवन में स्थिरता और शांति बनाए रखने में सहायक हो सकता है। महादेव को बेलपत्र अर्पित करें और उस पर चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। मान्यता है कि, इससे अटके हुए कामों को गति मिल सकती है। सावन के आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर गेहूं अर्पित करें और गन्ने के रस से अभिषेक करें। यह उपाय भी शुभ और लाभकारी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव को खीर का भोग लगाएं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में सभी लोगों में बांटें। मान्यता है कि यह उपाय जीवन में लाभ और तरक्की के नए द्वार खोल सकता है।
सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये सरल उपाय: रुद्राभिषेक कराएं:
भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावशाली उपाय है रुद्राभिषेक। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और जीवन में शुभता लाता है। कहा जाता है कि रुद्राभिषेक से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
चंद्र से जुड़ी वस्तुओं का दान:
यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है, तो आप इस दिन दूध, दही, चावल, चीनी और सफेद वस्त्र जैसे चंद्रमा से संबंधित चीजें दान करें। इससे चंद्रमा की स्थिति बेहतर होगी और मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।
108 बेलपत्रों पर लिखें ॐ नम: शिवाय:
सफेद चंदन से 108 बेलपत्रों पर ॐ नम: शिवाय लिखें और उन्हें भगवान शिव को अर्पित करें। साथ ही शमी के पत्तों पर शहद लगाकर शिवलिंग पर अर्पण करें। यह उपाय अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
दान करें:
किसी शिव मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करें और फिर जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री का दान भी करें। यह पुण्य शिव भक्ति को और भी गहरा करता है।
पूजा विधि :
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें। एक वेदी पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। शिवलिंग का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शुद्ध जल से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री चढ़ाएं। घी का दीपक और धूप जलाएं। ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। भगवान को सात्विक भोग लगाएं और उसे प्रसाद के रूप में बांटें। पूजा में हुई भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा-प्रार्थना करें।





