तीर्थ रक्षा संत सुरक्षा पर विचार-विमर्श गोष्ठी का आयोजन
लखनऊ। महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना, लखनऊ में मेडिटेशन गुरु पूज्य उपाध्याय श्री वीहसंत सागर जी मुनिराज के सान्निध्य में पूरे लखनऊ के जैन समाज के जैन मंदिरों की समितियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक एवं तीर्थ रक्षा संत सुरक्षा विषय पर विचार-विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि अगर हमारे संत एवं तीर्थ सुरक्षित नहीं रहेंगे तो हमारा समाज भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज संतों के साथ दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन पर हमले हो रहे हैं तथा अनेक धार्मिक तीर्थों को सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है, वह आने वाले समय में असुरक्षा का बड़ा कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि तीर्थ हमारे समाज की पहचान और विरासत हैं।
यदि तीर्थों को तीर्थ की मूल भावना से हटाकर पर्यटन स्थल बना दिया गया, तो वहां अन्य समाज के लोगों का आवागमन बढ़ेगा, जिससे तीर्थों की शुद्धता, धार्मिक वातावरण एवं उनके मूल महत्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए तीर्थों के संरक्षण और उनकी पवित्रता को बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पूज्य उपाध्याय जी ने संत सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि संतों के आहार-विहार के समय समाज के अधिक से अधिक लोग उनके साथ रहें, ताकि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके तथा किसी भी दुर्घटना अथवा अप्रिय घटना से बचाव के लिए समय रहते सावधानी बरती जा सके। उन्होंने कहा कि संतों की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान तीर्थ संरक्षणी महासभा की पुस्तक का विमोचन कमल जैन रावका द्वारा पूज्य उपाध्याय जी के सान्निध्य में किया गया। वहीं सिद्धार्थ जैन एवं दीप्ति जैन के साथ जैन जाति विवाह डॉट कॉम के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
सिद्धार्थ जैन ने बताया गया कि जैन समाज के युवक-युवतियों के लिए विवाह संबंधों का एक विशेष प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। इसके लिए एंड्रॉयड एवं आईओएस ऐप के साथ वेबसाइट का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसका नाम जैन जाति विवाह डॉट कॉम रखा गया है। यह प्लेटफॉर्म शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा, जिसके माध्यम से जैन समाज के युवक-युवतियां आपस में विवाह संबंध के लिए परिचय एवं जानकारी साझा कर सकेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक जैन, अंकुर जैन,आदिश जैन, सुभ चंद जैन, अनुज जैन, संजीव जैन, विकास जैन, अखिलेश जैन, जागेश जैन, कमल जैन, राजेश जैन, संजय जैन गोधा, सविता जैन, अल्पना जैन, आदेश जैन, मनीषा जैन, महावीर जैन गंगवाल, राजू जैन, रोहित जैन,पियूष जैन, अजय जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन नलिन राज काशलीवाल ने किया।





