केजीएमयू में मरीज का किया गया गलत इलाज
उपभोक्ता आयोग ने साढ़े चार लाख क्षतिपूर्ति देने का दिया आदेश
वरिष्ठ संवाददाता
लखनऊ। बे्रस्ट में दर्द की शिकायत पर लखीमपुर निवासी रानी गुप्ता जब केजीएमयू इलाज के लिए आयी थीं, तो उन्हें उम्मीद थी कि बेहतर इलाज मिलेगा और वह जल्द स्वस्थ हो जायेंगी। लेकिन यहां उन्हें बैगर किसी जांच के कैंसर ग्रसित बताकर कीमोथेरेपी व रेडियोथेरेपी दी गयी। जिससे उन्हें सिर के बाल तक झड़ गये, शरीर और कमजोर हो गया। पत्नी के जल्द स्वस्थ होने की आस में जब रानी के पति ने मुम्बई में विशेषज्ञों की सलाह ली तो पता चला उन्हें कैंसर ही नहीं है, उनका गलत इलाज किया गया है। मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा, जहां करीब 15 साल पर न्याय मिला।
इस लापरवाही के लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के साथ अकेले लखीमपुर के डॉक्टर भी दोषी पाये गये। जिला उपभोक्ता आयोग ने केजीएमयू की रेडियोथेरेपी विभाग की प्रोफेसर को गलत इलाज करने का दोषी पाया है और क्षतिपूर्ति के रूप में 4.50 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। 2008 से अंतिम भुगतान की तिथि तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज और परिवाद के मद्य में 50 हजार रुपये की अदायगी एक माह में करने को कहा है। दरअसल यह मामला वर्ष 2007 का है। लखीमपुर निवासी कृष्ण कुमार गुप्ता की पत्नी रानी गुप्ता के बाई तरफ चेस्ट में गिल्टी थी। जिसका उन्होंने काफी इलाज कराया। शहर के आयुष नर्सिंग होम में डॉक्टर आनंद मिश्र सर्जरी का काम करते हैं। उनकी सलाह पर 28 सितंबर 2007 को चारु डॉयग्नोस्टिक सेंटर एफएनएसी परीक्षण कराया। परीक्षण में ट्यूमर होने की बात कही गई। आॅपरेशन के लिए रानी गुप्ता को आयुष नर्सिंग होम में 15 नवंबर 2007 को भर्ती किया गया।
आपरेशन के बाद निकली गिल्टी को पुन: जांच के लिए चारु डॉइग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया। 6 दिसंबर 2007 को जांच को दिखाने पर चिकित्सक डॉक्टर आनंद मिश्रा ने केजीएमयू में मरीज को दिखाने की सलाह दी। जहां रिपोर्ट में कैंसर के कीटाणु होने की संभावना जताई गई थी। मेडिकल कॉलेज में पंजीकरण के बाद उन्हें चिकित्सक डॉ. सीमा गुप्ता के पास इलाज के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने कुछ और परीक्षण कराए। डॉ. सीमा गुप्ता ने मरीज रानी गुप्ता को कीमोथेरेपी कराने की सलाह दी। कुछ दिन इलाज कराने के बाद रानी गुप्ता के पति कृष्ण कुमार गुप्ता उन्हें लेकर मुंबई पहुंचे और उन्होंने प्रिंस अली खान अस्पताल में कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. एस ए प्रधान से सलाह ली। उन्होंने लखनऊ में बनाई गई स्लाइड को देखा और कुछ और जांचें कराई। उन्होंने बताया कि रानी गुप्ता को कैंसर नहीं है।
बिना जांच किए गलत इलाज किया। उन्हें किसी इलाज की जरूरत नहीं है। कृष्ण कुमार गुप्ता ने अपनी पत्नी को न्याय दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। अधिवक्ता योगेश सक्सेना ने गलत इलाज किए जाने के मामले में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ की असिस्टेंट प्रोफेसर रेडियो कीमो थेरेपी डॉ. सीमा गुप्ता, उप कुलपति, चारु डॉयग्नोस्टिक सेंटर लखनऊ आयुष नर्सिंग होम और लखनऊ के डॉ. आनंद मिश्रा को पार्टी बनाया गया था। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 15 अक्टूबर 2008 को वाद दायर किया गया था। जिसका निस्तारण 15 वर्ष बाद 4 अगस्त 2023 को हो सका। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष शिवमणि शुक्ला सदस्य डॉ. आलोक कुमार शर्मा और महिला सदस्य जूही कुद्दूसी ने की। पत्रावली पर मिले साक्ष्य का विश्लेषण व पक्षकारों के तर्क सुनने के पश्चात जिला उपभोक्ता आयोग ने केजीएमयू की डॉक्टर सीमा गुप्ता को क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी पाया है।





