उर्दू अकादमी में मुशायरे-कवि सम्मेलन का आयोजन
लखनऊ। राहत सेवा संस्थान की ओर से उर्दू अकादमी में मुशायरे-कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता वासिफ फारूकी और संचालन डॉ. सुधा मिश्रा व शहबाज तालिब ने किया। मुशायरे में शायर सलीम सिद्दीकी ने मुझको उड़ने के तरीके न सिखाओ, हम लोग पेड़ से आए हैं पिंजरे से नहीं आए हैं… कलाम को सुनकार तालियां अर्जित कीं। वासिफ फारुकी ने आज ये सोच के रख दी है कि अब कल होगी, जाने कब तक तेरी तस्वीर मुकम्मल होगी, नदीम फर्रूख ने वो आफताब पे पहरे बिठाना चाहता है, मोहम्मद अली साहिल ने मेरे जख्मो में कभी दर्द नहीं हो सकता, शहबाज तालिब ने सारे अल्फाज ये तुम्हारे थे, बिन तेरे जिंदगी नहीं होती, दूर होके भी मुझसे जिंदा हो, तुमको शर्मिंदगी नहीं होती कलाम से एक एक आशिक का दर्द उजागर किया। इसके साथ ही मुशायरे-कवि सम्मेलन में शशि श्रेया, डा. सुधा मिश्रा, अभिश्रेष्ठ तिवारी, सरला शर्मा, फारुक आदिल, शिखा श्रीवास्तव ने भी रचनाएं सुनायी। मुख्य अतिथि पूर्व आईजी आरके चतुवेर्दी थे।





