लखनऊ। राष्ट्रीय स्तर पर कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में उत्तर प्रदेश के 19 निकायों ने विभिन्न श्रेणियों में देश के दूसरे निकायों को पीछे छोड़ते हुए सम्मान हासिल किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम में उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पुरस्कार पाने वाला राज्य है। प्रदेश में दो कैंट क्षेत्र समेत 19 नगर निकायों को यह सम्मान मिला है। वहीं टॉप 12 अवॉर्ड में से 2 पर यूपी ने कब्जा किया है।
लखनऊ नगर निगम ने पूरे देश में 24वां व यूपी में पहला स्थान हासिल किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का परिणाम गुरुवार को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने घोषित किया। हरदीप पुरी, मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े फिरोजाबाद नगर में कार्य कर रहे स्वयं सहायता समह के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की।
वर्ष 2018 में राज्य की तीन निकाय को मिला था सम्मान
देश के चुने हुए 12 शहरों को पुरस्कृत किया गया। उक्त श्रेणी में राज्य के 2 नगर निगमों वाराणसी एवं शाहजहांपुर के अलावा प्रदेश के अन्य 17 निकाय जो लखनऊ, फिरोजाबाद, कन्नौज, चुनार, गंगाघाट, आवागढ़, मेरठ कैण्ट, गजरौला, मुरादनगर, स्याना, पलियाकला, मल्लावां, बरूआसागर, बकेवर, बलदेव, अछलदा, मथुरा कैण्ट को सम्मानित किया गया।
स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित करायी जाती है। वर्ष 2018 में राज्य की तीन निकाय और वर्ष 2019 में 14 निकायों को सम्मान मिला था, वहीं इस वर्ष 2020 के सर्वेक्षण परिणाम में यह संख्या बढ़ कर 19 हो गयी है। प्रदेश के निकाय लगातार सफाई के मामले में सुधार कर रहे थे। इससे पहले 2018 में यूपी से 3 निकायों और 2019 में 14 निकायों को ये सम्मान मिला था। अब ये संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
60 हजार सीटों के सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया
बता दें यूपी में व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने का दावा सरकार ने किया है। वहीं, लगभग 60 हजार सीटों के सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश के सभी निकाय खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगरों की श्रेणी में प्रदेश के कई शहरों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। इनमें लखनऊ 12वें, आगरा 16वें, गाजियाबाद 19वें, प्रयागराज 20वें, कानपुर 25वें और वाराणसी 27वें स्थान पर है।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अन्तर्गत प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है और लगभग 60,000 सीटों के सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। सभी नगरीय निकायों में महिलाओं के लिये विषेष रूप से पिंक शौचालय का निर्माण कराया गया है जबकि सभी निकाय खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं।
यूपी के शहरों की रैंकिंग : लखनऊ पहला, आगरा दूसरा, गाजियाबाद तीसरा, प्रयागराज चौथा, कानपुर पांचवा, वाराणसी छठा व मेरठ सातवां।
यूपी के शहरों के अंक : लखनऊ 4728.28, आगरा 4391.51, गाजियाबाद 4283.26, प्रयागराज 4141.47, कानपुर 3783.88, वाराणसी 3684.20, मेरठ 2314.59।





