-पद्मभूषण उस्ताद आमिर खान की याद में सजी शास्त्रीय संगीत संध्या
लखनऊ। पद्मभूषण उस्ताद आमिर खान की याद में हुए दो दिवसीय उत्सव में शास्त्रीय संगीत के विविध रंग बिखरे। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, कलाश्री और लखनऊ बायोस्कोप की ओर से कलामण्डपम में हुए संगीत समारोह के अन्तिम दिन रविवार को सरोद वादन, गायन में कई मधुर राग सुनने को मिले। पंडित पार्थों सारथी ने सरोद वादन, पंडित अमित मुखर्जी ने शास्त्रीय गायन से बारिश में लिपटी शाम को मनोरम मनाया।
गायन, सरोद, तबला और हारमोनियम के सुरों से सजी इस खास शाम में गायन से पंडित अमित मुखर्जी ने उस्ताद आमिर खान को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनकी याद में कुछ ऐसे राग सुनाऊं जो उस्ताद आमिर खान ने गाए और पहचान बहुत बड़ी हुई। जिससे बहुत बड़े-बड़े कलाकारों ने उन रागों को दूसरी तरह से देखना शुरू, उस्ताद आमिर खान की नजरों से देखना शुरू किया। पंडित अमित मुखर्जी ने शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के सामने सबसे पहले राग मारवाह की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने राग हंसध्वनि से परिचित कराया। पंडित अमित मुखर्जी के साथ तबले पर पंडित अभिजीत बनर्जी और हारमोनियम पर विनय कुमार मिश्रा ने संगत की। इसके बाद पंडित पार्थो सारथी ने सरोद की कर्णप्रिय ध्वनियों से सभी कला प्रेमियों को बांध लिया। पंडित पार्थो सारथी राग बसंत पंचम और तिलक कामोद सुनाया। उनके साथ तबले पर पंडित अभिजीत बनर्जी ने संगत की।





