लखनऊ। रेलवे का मकान किराये पर मिल जाये तो आपको बिजली का बिल नही चुकाना पड़ेगा। क्योकि रेलवे के ज्यादातर मकानों में बिजली का बिल नाम मात्र का ही रेलवे कर्मचारियों को भरना पड़ता है। ऐसे में किराये पर मकान लेकर बिजली ज्यादा खपत करने वाले उपकरण पर खाना तक बनाते है। रेलवे पावर हाऊस के कर्मचारियों ने बताया कि कई बार अभियान चलाया जाता है लेकिन यह अभियान रेलवे नेताओं के चक्कर में फेल हो जाता है। कर्मचारियों के छापा मारते ही मकान में रहने वाले वाले किरायेदार कर्मचारी यूनियन के नेताओं को फोन कर दबाव बनाने लगते है।
एलडी कालोनी, मनौवर बाग, शान्ति पुरम, बीजी कालोनी, पंजाब नगर, फतेहअली कालोनी सहित अन्य रेलवे कालोनी मे जिनका मकान एलाट हुआ है वह अपना मकान दूसरो को किराये पर दे दिये है। इसके बाद भी जगह बचता है तो वहां पर झुग्गी डालवाकर किराया वसुला जाता है। उत्तर रेलवे अस्पताल के समाने जिन्होंने बड़ा मकान लिया है वह अपने बंग्ले के नाम पर छोटे-छोटे जर्जर मकान भी कब्जा कर लिया है। जिसको किराये पर देकर किराया वसुला जा रहा है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे कालोनी में जब भी जांच होती है तो उसमें वही अधिकारी शामिल रहते है तो ज्यादातर मकान किराये पर दे रखे है।
डीएम ने देखा हालात, जताया दुख

जर्जर रेलवे के मकान का छत गिरने से पांच लोगों के मौत पर डीएम सूर्य पाल गंगवार ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने मृत्यु लोगों के परिवार को संत्वना देकर प्रशासन के तरफ से मदद करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भी जर्जर मकान में रह रहे है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे के अफसरो से बात किया जायेगा इसके साथ पुलिस को भी निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे मकानों में समय-समय पर जांच कर रिपोर्ट थाने को दे जिससे आगे की कार्रवाई किया जा सके। फतेहअली चौराहे पर जब डीएम का काफिला रुका तो लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा। डीएम मौके पर खराब सड़क देखकर भड़क गये और उन्होने नगर निगम को जल्द सड़क बनाने का निर्देश दिया।
चलेगा अभियान, आनलाइन होगा मकान

छत गिरने से मौत के मामले में सभी अफसरो के कान खड़े हो गये है। ज्यादातर अफसर कुछ बोलने को तैयार नही है। लेकिन बिजली के अधिशासी अभियंता मामले की गंम्भीरता को देखते हुए सोमवार से जिन घरों में चोरी से बिजली जल रहा है उनकी बिजली काटने का कर्मचरियों को निर्देश दिया है। आईडब्लू से जब इस बारे में बात किया गया तो उन्होंने कहा कि मकान को गिराने का आदेश दिया जाता है फिर भी मकान में लोग कैसे रह रहे है इसकी जांच कर रिपोर्ट डीआरएम को दिया जायेगा। सीनियर डीसीएम ने बताया कि जो मकान गिराने का आदेश दिया जा चुका है उनको आनलाइन भी किया जायेगा जिससे कभी भी कोई कार्रवाई अचानक किया जा सके। कौन सा मकान कर्मचारी को दिया गया है और कौन सा मकान जर्जर है इसको भी आनलाइन करने की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है।





