back to top

संगीत नाटक अकादमी में नाटक आखरी ताज का मंचन 13 को

आखारी ताजदार नवाब वाजिद अली शाह के किरदार का उर्दू ड्रामा
लखनऊ। भारतीय नारी सम्मान एंव बाल विकास संस्थान की ओर से ऐतिहासिक नाटक आखरी ताज का मंचन 13 जनवरी को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में किया जायेगा। इसी नाटक के मंचन को लेकर संस्था के पदाधिकारियों ने प्रेसवर्ता का आयोजन किया। प्रेसवार्ता में नाटक के निर्देशक नवाब मसूद अब्दुल्लाह ने बताया कि आज हम आपके सामने अवध के आखारी ताजदार नवाब वाजिद अली शाह के किरदार का उर्दू ड्रामा आखरी ताजदार के जरिये, ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि, किस तरह अंग्रेजों ने या ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने नवाब वाजिद अली शाह और अवध को धोखा दिया और नवाब साहब ने अंग्रेजो के उस मुहायदे पर दस्तखत करने से इंकार कर दिया, जिसमें वह चाहते थे कि नवाब वाजिद अली शाह बादशाह बने रहे लेकिन रिआया पर हुक्म अंग्रेजों का चले। अंग्रेजों के खिलाफ जाना और अपना सलतनत और तख्त-ओ-ताज की परवाह किये बगैर वह अंग्रेजों के खिलाफ गये और अंग्रेजों ने उनको सलतनत से माजूल कर दिया।
नवाब वाजिद अली शाह के कलकत्ता चले जाने के बाद उनकी बेगम, बेगम हजरत महल ने वतन के लिए अपना फर्ज निभाते हुए उनके बेटे शहजादा बिरजीस कद्र को अपने वकादार और बहादुर सिपहसालारों के साथ मिलकर अवध का ताजदार मुकर्रर कर दिया।
बेगम हजरत महल का साथ देने के लिए उनके सिपहसालार, राजा जिया लाल, महाराजा बाल किशन, दरोगा महमूद अली खाँ बहादुर कंधे से कंधा मिलाकर आ खड़े हुए, लेकिन सिर्फ अवध की फौजें अंग्रेजों से मुकाबला करने के लिए नाकाफी थीं, इसलिए बेगम ने फैजाबाद के मौलवी अहमद उल्ला शाह और कानपुर के नाना साहेब को आजादी की इस जंग में शामिल कर लिया। बेगम की सरपरस्ती में आजादी के मतवाले अंग्रेजों से भिड जाते हैं…। जिससे अंग्रेजों की फौज और रेजिडेन्ट हैनरी लारेन्स समेत रेजीडेन्सी में कैद होकर रह जाते हैं और अवध पर बेगम हजरत महल की हुकूमत कायम हो जाती है। लेकिन, इसी बीच चन्द गद्दारों के जरिये इनकिलाबियों को गुमराह कर दिया जाता है… जिससे कानपुर के रास्ते जनरल आउटरम भारी लाव लश्कर के साथ अवध पर धावा बोल देता है। लखनऊ के कोने-कोने में अंग्रेजों और इनकिलाबियों के बीच भयानक मारकाट मच जाती है। सड़कें लाशों और खून से पट जाती हैं, लेकिन इनकिलाबी पीछे हटने को तैयार ना थे। आखिर में अपनी फौज की हौसला अफजाई के लिए बेगम हजरत महल खुद मैदान-ए-जंग में कूद पड़ती है।
अंग्रेजों के पास भारी फौज और हथियार थे… जबकि इनकिलाबियों के पास वतनपरस्ती का जज्बा… आखिर अंग्रेज फतेयाब होने लगते हैं… नाउम्मीदी के वक़्त में अपने सिपहसालारों और मुशीरों की सलाह पर बेगम हजरत महल नेपाल का रूख करती हैं और अवध पर अंग्रेजों का कब्जा हो जाता है। हालांकि इस पहली जगें आजादी में उनकी शिकस्त जरूर हुई लेकिन वतनपरस्ती का जज्बा जीत गया। जिसकी मिसाल मुशकिल है।

RELATED ARTICLES

भारत सदैव से हिन्दू राष्ट्र है, मैकाले की शिक्षा ने हमें मानसिक दासता दी : ऋतेश्वर महाराज

भक्तों को दिया राष्ट्रवाद और धर्म का संदेश लखनऊ। प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और प्रखर वक्ता पूज्य ऋतेश्वर जी महाराज अपने प्रवास के दौरान लखनऊ पहुंचे।...

ज्ञानदान इस धरती का श्रेष्ठ कार्य है : उमानन्द शर्मा

455वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्नलखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत बाबा कॉलेज आॅफ नर्सिंग,...

डॉ. अरुण मिश्रा के भजन ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

अच्युतम केशवम गीत सुनायालखनऊ। आज 10 जनवरी संस्कृति विभाग के कार्यक्रम सुर साधना के अंतर्गत आज कुड़िया घाट में डॉक्टर अरुण मिश्रा का भजन...

आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर बनेगी हिंदी फिल्म ‘शतक’, संघ की ऐतिहासिक यात्रा को करेगी रेखांकित

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लिए यह वर्ष अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक है। देश की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संरचना में महत्वपूर्ण...

रानी मुखर्जी की मर्दानी- 3 इस दिन होगी रिलीज़, पहले से ज्यादा डार्क और ब्रूटल होगी कहानी

मुंबई। यश राज फ़िल्म्स की सुपरहिट ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ बीते एक दशक से हिंदी सिनेमा में महिला-प्रधान और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानियों की सबसे...

षटतिला एकादशी व्रत 14 को, भक्त करेंगे श्रीहरि की आराधना

लखनऊ। पंचांग मुताबिक, माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर षटतिला एकादशी का पावन व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु...

भारत सदैव से हिन्दू राष्ट्र है, मैकाले की शिक्षा ने हमें मानसिक दासता दी : ऋतेश्वर महाराज

भक्तों को दिया राष्ट्रवाद और धर्म का संदेश लखनऊ। प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और प्रखर वक्ता पूज्य ऋतेश्वर जी महाराज अपने प्रवास के दौरान लखनऊ पहुंचे।...

ज्ञानदान इस धरती का श्रेष्ठ कार्य है : उमानन्द शर्मा

455वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्नलखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत बाबा कॉलेज आॅफ नर्सिंग,...

डॉ. अरुण मिश्रा के भजन ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

अच्युतम केशवम गीत सुनायालखनऊ। आज 10 जनवरी संस्कृति विभाग के कार्यक्रम सुर साधना के अंतर्गत आज कुड़िया घाट में डॉक्टर अरुण मिश्रा का भजन...