back to top

साल का पहला शनि प्रदोष व्रत 14 को, होगी शिवजी की पूजा

लखनऊ। साल का पहला शनि प्रदोष व्रत बेहद खास रहने वाला है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व है। इस दिन व्रत और भगवान शिव की पूजा करने का विधान होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, इस बार प्रदोष व्रत का संयोग शनिवार के दिन पड़ रहा है। इसी के चलते यह इस वर्ष का पहला शनि प्रदोष व्रत होगा। ऐसे में इस दिन जातक को भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 14 फरवरी, शनिवार के दिन शाम को 4 बजकर 2 मिनट पर होगा। वहीं, अगले दिन यानी 15 फरवरी, रविवार को शाम के 5 बजकर 5 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का समापन होगा। ऐसे में प्रदोष काल की गणना के अनुसार, प्रदोष व्रत 14 तारीख को रखा जाएगा। इस दिन शनिवार का संयोग बनने से इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। ऐसे में इस तिथि पर पूजा और व्रत करने से भोलेनाथ के साथ शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है।

शनि प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त

साल का पहला शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी है। इस दिन प्रदोष काल में शाम की पूजा करना सबसे उत्तम माना गया है। बता दें की 14 तारीख को प्रदोष काल का समय शाम को 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल की अवधि सूर्यास्त से करीब 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद तक की होती है। इस अवधि के दौरान प्रदोष व्रत की पूजा करवा सर्वोत्तम माना गया है।

शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और अपने पूजा घर को अच्छी तरह साफ करें। एक लकड़ी की चौकी पर वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करके शिवजी का दही, दूध, गंगाजल, शहद आदि से अभिषेक करें। भोलेनाथ को बेलपत्र, फूल, चंदन, नैवेद्य, धूप-दीप आदि अर्पित करें। साथ ही माता पार्वती का श्रृंगार का समान चढ़ाएं। विधि-विधान से शिवजी और मां पार्वती की पूजा करें। इस दिन भगवान गणेश की पूजा भी अवश्य करनी चाहिए।

शनि प्रदोष व्रत की प्रदोष काल में पूजा विधि
शाम को सूर्यास्त होने के समय पर सफेद वस्त्र धारण करके भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इसके पश्चात, ताजे पुष्प, बेलपत्र आदि शिवजी को अर्पित करें। भगवान शिव की पूजा के बाद आरती और भजन करना चाहिए। इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा भक्तों पर बनी रहती है। वहीं, प्रदोष व्रत के दिन शनिवार पड़ने से इस दिन व्रती को शनिदेव की पूजा भी करनी चाहिए। पीपल के वृक्ष में जल दें और शनि स्तोत्र व चालीसा का पाठ करें। शाम को भगवान शिव के मंत्र ‘ओम नम: शिवाय’ या महामृत्युंजय का जाप करें। इससे भगवान शिव और शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। साथ ही, व्रती की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।

RELATED ARTICLES

वैलेंटाइन वीक : चॉकलेट डे पर रिश्तों में बिखरी प्यार की मिठास

लखनऊ। वैलेंटाइन सप्ताह के तीसरे दिन चॉकलेट डे के रूप में मनाया गया। इस दिन लोग अपने प्रिय को चॉकलेट देते हैं। चॉकलेट रिश्तों...

चॉल में रहने वाले बेरोजगार महादेव की कहानी है ‘गांधी टॉक्स’

'गांधी टॉक्स' इस बार एक ऐसा अनोखा सिनेमाई अनुभव जरूर दे जाती हैलखनऊ। बिना डायलॉग्स के स्टोरी टेलिंग काफी चुनौतीपूर्ण होती है। खासकर आजकल...

28 फरवरी की शाम आसमान में लगेगी 6 ग्रहों की कतार

लखनऊ। 28 फरवरी 2026 को शाम ढलते ही आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह...

वैलेंटाइन वीक : चॉकलेट डे पर रिश्तों में बिखरी प्यार की मिठास

लखनऊ। वैलेंटाइन सप्ताह के तीसरे दिन चॉकलेट डे के रूप में मनाया गया। इस दिन लोग अपने प्रिय को चॉकलेट देते हैं। चॉकलेट रिश्तों...

चॉल में रहने वाले बेरोजगार महादेव की कहानी है ‘गांधी टॉक्स’

'गांधी टॉक्स' इस बार एक ऐसा अनोखा सिनेमाई अनुभव जरूर दे जाती हैलखनऊ। बिना डायलॉग्स के स्टोरी टेलिंग काफी चुनौतीपूर्ण होती है। खासकर आजकल...

28 फरवरी की शाम आसमान में लगेगी 6 ग्रहों की कतार

लखनऊ। 28 फरवरी 2026 को शाम ढलते ही आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह...

हर हर महादेव के जयघोष संग निकली कलश यात्रा

कलश यात्रा के साथ ही श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भी किया गयालखनऊ। ठाकुरगंज स्थित श्री कल्याण गिरि मंदिर से भव्य, दिव्य एवं...

चित्रकारी में विवेकानन्द, क्ले मॉडलिंग में श्रद्धा और कलश अलंकरण में अन्नपूर्णा अव्वल

राज्य ललित कला अकादमी के स्थापना दिवसलखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी के स्थापना दिवस पर हुए तीन दिवसीय ललित कला उत्सव का समापन सोमवार...

गीत-संगीत के साधकों ने स्वरों से की राष्ट्रसाधना

स्कूल बैंड की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दियालखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार शाम को भागीदारी भवन में संगीत...