स्कूल बैंड की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार शाम को भागीदारी भवन में संगीत साधकों की गोष्ठी सजायी गई। इस अवसर पर गीत संगीत के साधकों ने स्वरों से राष्ट्रसाधना की। गोष्ठी में संगीत के विविध स्वरूपों का प्रभावशाली समागम देखने को मिला। एक ओर लोगों ने शास्त्रीय व पाश्चात्य संगीत का आनंद लिया। वहीं ब्रास बैंड, मार्चिंग बैड व स्कूल बैंड की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। ट्रम्पेट के मधुर स्वर और ड्रम पर लयबद्ध ताल के संयोजन संगीत ने शक्तिशाली, ओजस्वी और ऊजार्वान माहौल का निर्माण किया। हॉल में बैठे हर श्रोता उसी लय में झूमने को मजबूर हो गये। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लखनऊ महानगर की ओर से गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित संगीत गोष्ठी का उद्देश्य भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा के माध्यम से राष्ट्रभाव, सांस्कृतिक चेतना व संगठनात्मक अनुशासन को जनमानस तक पहुंचाना था। इस संगीत समागम में गायन व वादन के तहत शास्त्रीय संगीत, पाश्चात्य संगीत गूंजा। वहीं भजन व कीर्तन मंडली, आॅर्केस्ट्रा पार्टी की प्रस्तुतियों में लोग डूब गये। इसके बाद ब्रास बैंड, मार्चिंग बैंड, स्कूल बैंड और संघ घोष की अनुशासनबद्ध प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति व सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत हो गया। इस आयोजन में आरएसएस के अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पद्मश्री विद्या बिंदु, शास्त्रीय गायक पंडित विनोद कुमार द्विवेदी, संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोखर, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के शारीरिक प्रमुख अखिलेश, अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल, अवध प्रांत के घोष प्रमुख नीलकंठ, सह घोष प्रमुख, अवध प्रांत संतोष, विभाग प्रचारक अनिल समेत बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।





