महाशिवरात्रि पर शहर में जगह-जगह निकली शिवजी की बारात, भंडारे में बंटा भोले बाबा का प्रसाद, खूब लगे जयकारे
लखनऊ। भोर होते ही महाशिवरात्रि पर राजधानी के शिवालयों के बाहर शिवभक्तों की लंबी लाइन लग चुकी थी। मनकामेश्वर मंदिर हो या फिर बुद्धेश्वर, सभी जगह भक्त मंदिर के कपाट खुलने की बेसब्री से प्रतीक्षा करते दिखाई पड़े। जैसे ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए, बम भोले, हर-हर महादेव के उदघोषों से राजधानी गूंज उठी। हर-हर महादेव और भोले नाथ के जयकारों से हर तरफ भक्ति की सरस गंगा प्रवाहित हो रही थी। महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी के मंदिरों में आस्था का सैलाब देखने को मिला। कहीं रुद्राभिषेक हुआ तो कहीं जीवित सांपं शिवलिंग की शोभा बढ़ा रहे थे। महाशिवरात्रि फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। राजधानी लखनऊ प्रदेश भर शिवरात्रि का पर्व धूम धाम से मनाया जा राह है। सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा करने मंदिरों में उमड़ रहे हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही है।
भस्म आरती बनी आकर्षण का केन्द्र:
राजेन्द्र नगर स्थित महाकाल मंदिर में भस्म आरती की झलक पाने के लिए श्रद्धालु बेकरार हो गए। महाशिवरात्रि पर उज्जैन के कुंड से लाकर जलाभिषेक किया गया। शाम को भोलेनाथ का पंचामृत दुग्धाभिषेक भी किया गया। इसके बाद एक हजार दीपों से महाआरती हुई।
भक्तों को ठंडाई और प्रसाद:
महाशिव रात्रि के मौके पर राजधानी में कई जगह ठंडाई और प्रसाद का वितरण किया गया है। कोनेश्वर मंदिर के पास भक्तों ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई की व्यवस्था की। इसके अलावा ठाकुरगंज और चौक चौराहे पर भक्तों के लिए प्रसाद वितरण किया गया। कई जगह पूडी सब्जी और कई जगह छोले चावल भी वितरित किया गया।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में गूंजे बम भोले के जयकारे:
बुद्धेश्वर महादेव मन्दिर में तड़के रविवार को महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भक्तों ने रविवार भोर से ही दर्शनार्थियों की लम्बी लम्बी लाइनों महिलाएं पुरुषों की क्रम सा लगी रहीं। जो कि देर दिनभर चलती रहीं। मंदिर से लेकर भपटामऊ व बुद्धेश्वर चौराहे तक महिलाओं व पुरुषों की लंबी.लम्बी कतारें लगीं रहीं। शाम छह बजे की मुख्य आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
सदर में धूमधाम से हुआ भोलेनाथ का विवाह:
सदर बाजार स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंग धाम में शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाई गई। मन्दिर को फूलों से सजाया गया। भोलेनाथ का माता पार्वती से विवाह का कार्यक्रम भी धूमधाम से मनाया गया। विवाह के शुभ मौके पर भोलेनाथ को दूल्हे के रुप में शृंगार किया गया। भोलेनाथ को पगड़ी पहनाई गई। महिलाओं ने शिव विवाह के गीत सुनाए। इससे पहले अंकूर अग्रवाल, आलोक सिंघल की अगुआई में 12 द्वादश ज्योर्तिंिग पर महारुद्राभिषेक हुआ।
महादेव ने पहनी पगड़ी:
सदर बाजार स्थित द्वादश च्योर्तिलिंग धाम में भोलेनाथ दूल्हा बने और भक्तों ने उनके विवाह की रस्म अदा की। महादेव का पगड़ी, सेहरा पहनाकर श्रृंगार किया गया। महिलाओं द्वारा विवाह गीत भी गाए गए।
गाजे-बाजे के साथ नर्मदेश्वर का शृंगार:
लखनऊ। शिवरात्रि के महापर्व पर निराला नगर में चार पीढ़ियों से प्रतिष्ठित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख, अभिषेक अग्रवाल की ओर से महा शिवरात्रि का अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से सूर्य देव का श्रंगार किया गया। अंकशास्त्र के अनुसार वर्ष 2026 ‘सूर्य’ का वर्ष है। जब हम 2026 के अंकों को आपस में जोड़ते हैं तो उसका मूलांक एक आता है जो कि सूर्य का अंक है। नक्षत्रों का राजा सूर्य आत्मा, पिता, मान-सम्मान, ऊर्जा और स्वास्थ्य के कारक हैं। इसलिए सूर्य श्रंगार कर विश्व शान्ति और भारत की उन्नति की कामना की गई। महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार 15 फरवरी को फूलों से सजे मंडप में नर्मदेश्वर महादेव का विभिन्न मौसमी फलों से किये गए सूर्य श्रंगार के दर्शन करने, बड़ी संख्या में भक्तगण उमड़े। शाम से बाबा के भक्तों का जो रेला शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा। यह अद्भुत श्रंगार बाबा के भक्त पवन द्वारा किया गया था जो अपनी तरह का अकेला श्रंगार रहा। एक ओर नर्मदेश्वर मंदिर परिसर शंखनाद, घंटे घड़ियाल और बम बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा वहीं दूसरी ओर डेढ़ हजार से अधिक भक्तों में चढ़ावे की ठंडाई का वितरण, प्रसाद के रूप में किया गया। इसके साथ ही फल और मिष्ठान में पेड़े भी बांटे गए। शिवरात्रि के पावन अवसर पर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की महिला मंडली दवारा एक से बढ़कर एक, सरस भजन भी गाए गए। मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी और सांसों की माला पे सिमरु मैं शिव का नाम जैसे भजनों पर सभी ने झूमते हुए भक्ति का आनंद लिया। पंडित आकाश की अगुआई में पूजन अनुष्ठान सम्पन्न हुए। मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं आकाश जायसवाल ने संभाली।
महाशिवरात्रि की सजी झांकी:
मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार से चौराहे तक भक्तों की भीड़ बाबा के दर्शन को कतारबद्ध थी। लाउडस्पीकर पर बजते गानों पर भोले भक्त थिरक रहे थे। मंदिर में महाशिवरात्रि की झांकी भी सजाई गई। भंडारा भी लगा।
सड़कों पर बाबा के बराती :
ठाकुरगंज स्थित प्राचीन कल्याण गिरी मंदिर से शिव बरात निकली। नरही से भी शिव बरात निकाली गई। मुरलीनगर-हुसैनगंज शिव बरात समिति की ओर से शिव बरात निकाली गई। बरात थाना-हुसैनगंज स्थित शिवालय से शुरू होकर शिवाजी मार्ग, लाटूश रोड, कैसरबाग, मुरली नगर होते हुए उदयगंज स्थित शिवालय पहुंची। यहां शकर-पार्वती का विवाह विधि-विधान से संपन्न हुआ। वहीं राजाजीपुरम पालतिराहे से बुद्धेश्वर महादेव मंदिर तक गाजे बाजे के साथ शिव बरात निकाली गई।
यहां भी उमड़े भक्त:
चौक के कोनेश्वर महादेव मंदिर, चौपटिया स्थित छोटा और बड़ा शिवाला में भी शिव भक्तों की कतार लगी रही। एलडीए कॉलोनी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में पंडित देवी प्रसाद तिवारी के सानिध्य में भक्तों ने पूजन किया। रामचरित मानस का पाठ भी हुआ। कृष्णा नगर स्थित इंद्रेश्वर और सहसैवीर मंदिर में भी हवन पूजन चलता रहा। आलमबाग के मौनी बाबा मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। कानपुर रोड स्थित श्री रेतेश्वर महादेव मंदिर में शिव जागरण एवं भंडारा आयोजित हुआ। आलमबाग स्थित अमरेश्वर महादेव मंदिर में 101 लीटर दूध से बाबा का अभिषेक किया गया। सआदतगंज लकडमंडी के पर्वतनाथ शिव मंदिर, राजाजीपुरम ओमकारेश्वर महादेव मंदिर, हसनगंज बावली स्थित टीन वाला शिवाला मंदिर, आलमनगर स्थित आनन्देश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर पुष्पों से भव्य श्रृंगार व भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं राजाजीपुरम सेक्टर 13 के श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल स्थित श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में ठंडाई बांटी गई।
मनकामेश्वर मंदिर में चला अटूट दर्शनों का क्रम
लखनऊ। महादेव और गौरा के विवाह अनुष्ठान के पावन दिवस महाशिवरात्रि पर भक्तों का जन सैलाब ही उमड़ पड़ा। जो क्रम रात तीन बजे के लगभग शुरू हुआ वह रविवार की रात तक अनवरत जारी रहा। मुस्तैद पुलिस कर्मियों और स्वंय सेवकों की मदद से हर भक्त ने कतारबद्ध होकर दर्शन कर बाब मनकामेश्वर का जल और दूध से अभिषेक कर धतूरा, बेलपत्र, पुष्प आदि अर्पित किये। रात को आदिगंगा मां गोमती के पावन जल से भरे 21 मंगल कलशों से मनकामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया। 151 लीटर गाय के दूध से रुद्राभिषेक के बाद सुबह चार बजे से मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिये गए थे। चढ़ावे के दूध से साबूदाने की खीर तैयार कर भक्तों में वितरित की गई। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे मुस्तैद रहे। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन की ओर से जगदीश गुप्ता अग्रहरि, उपमा पाण्डेय की देख रेख में 25 से अधिक सेवादार भी सेवा में तत्पर रहे। मनकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह महादेव को ही नहीं, महादेव की भी माने।
भोलेनाथ बने दूल्हा, पूरा शहर बना बाराती
लखनऊ। कुएंश्वर बाबा मन्दिर-फतेहगंज गल्ला मंडी एवंम मुरली नगर उदयगंज से निकालने वाली दोनो शिव बारातो का साहू वैश्य महासभा के प्रान्तीय महामेली महेश प्रसाद साइ उर्फ दद्दू भव्य आरती उतारी गई तथा शिवजी के बरातियों का भव्य स्वागत व जलपान भराया गया। बारात फतेहगंज गल्ला मंडी से प्राराम्भहोकार गनेशगंज, नाका हिन्डोला, गुरुद्वारा रोड गौतम बुद्ध मार्ग कैसरबाग, नजरोवाद अमीनाबाद रोड होते हुए पुन: मंदिर प्रांगण में पहुंचो, जहाँ शिव भक्तों ने भंडारे का आनंद उठाया। इस अवसर पर वैश्य समाज के सुशील गुप्ता, मनीष साहू महेश प्रसाद साहू, मीना साहू समेत तमाम श्रद्धालू उपस्थित रहे।
श्री कल्याण गिरी मंदिर :
आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ठाकुरगंज स्थित श्री कल्याण गिरी मंदिर से भगवान आशुतोष शंकर की शिव बारात निकाली गई जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्त शामिल हुए बारात का स्वागत चौक चौराहे पर चौक के समस्त व्यापारियों द्वारा चौक के पार्षद एवं अनेक व्यापारियों ने भगवान भोलेनाथ की आरती उतार कर 251 किलो फलों का वितरण किया। वहीं भवानी यूथ ब्रिगेड द्वारा गुरुवार को गोसाईंगंज पूर्वांचल एक्सप्रेस के पास से सलौली गांव स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर तक महाकाल शोभायात्रा व शिव बारात निकाली गई। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में शिव भक्त शामिल हुए। शिव भक्यो ने अवघड़ो का रूप धारण कर बारात में शामिल हुए। इसके साथ ही मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तो ने प्रसाद चखा। इसके साथ ही सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सैकड़ो भक्तो ने जलाभिषेक किया।
महाशिवरात्रि पर आंतरिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है : मंहत विशाल गौड़
श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर विशेष आयोजन सम्पन्न
लखनऊ। रविवार को चौक कोतवाली स्थिति श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में प्रात: काल से ही भक्तों द्वारा जलाभिषेक शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक हरि ओम हर जल चढ़ता रहा। मंदिर के महंत विशाल गौड़ ने बताया कि महाशिवरात्रि पर ध्यान सौ गुना अधिक प्रभावी होता है और महाशिवरात्रि पर आंतरिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। महंत ने बताया कि महाशिवरात्रि का पौराणिक और धार्मिक महत्व है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग के उदय से हुआ था। महाशिवरात्रि के समय हम अपनी चेतना में विश्राम करते हैं। यह समय है अपनी अंतरात्मा और चेतना के साथ उत्सव मानाने का, महाशिवरात्रि के दिन साधना के माध्यम से हम दिव्य चेतना की शरण में चले जाते हैं। महंत विशाल गौढ़ ने बताया कि दिनभर जलाभिषेक के बाद सांय भव्य और दिव्य महाआरती का आयोजन किया गया एवं रात में शिवमहिमा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन मंदिर प्रांगण मे किया गया जिसमें भारी संख्या में भक्तों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आदि लोग मौजूद रहे।





