मथुरा, उत्तर प्रदेश। यमुना एक्सप्रेसवे एक बार फिर जानलेवा हादसों का गवाह बना है। महज कुछ ही घंटों के अंतराल में मथुरा जिले में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुल छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
पहली और सबसे गंभीर दुर्घटना मथुरा जिले के यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 114 के पास सुबह के समय घटी। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो SUV अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी पलट गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।गाड़ी में सवार सभी पाँच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बिहार के सीतामढ़ी जिले के निवासी थे, जो राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम बाबा मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और स्थिति पर काबू पाया।
घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
पहले हादसे से क्षेत्र में अफरा-तफरी मची ही थी कि कुछ ही घंटों बाद कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक और गंभीर दुर्घटना हो गई। एक अनियंत्रित बस ने सामने चल रहे एक वाहन को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस टक्कर में बस और अन्य वाहन के कई यात्री घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।इस हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति को जल्दी सामान्य कर लिया गया।
गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पहले भी कई बार इस तरह की भीषण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अत्यधिक रफ्तार, वाहन चालकों की लापरवाही और कई जगहों पर अपर्याप्त निगरानी की वजह से यह एक्सप्रेसवे “एक्सप्रेस डेथवे” जैसी बदनामियों का शिकार हो चुका है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति बेहद कम है, और स्पीड मॉनिटरिंग तथा निगरानी कैमरों का रखरखाव भी प्रभावी ढंग से नहीं हो रहा।हादसे के बाद प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। मथुरा पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, विशेष रूप से हाई-स्पीड वाहनों की निगरानी के लिए।