महाराजगंज । काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से लौट रही भारतीय श्रद्धालुओं की बस पर नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान हमला हो गया। बस चालक के अनुसार, घटना 9 सितंबर को भारत-नेपाल सीमा के पास सोनौली के नजदीक हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने बस पर पत्थरबाजी की। इस घटना में कई यात्री, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, घायल हो गए।
बताया गया कि बस में कुल 49 भारतीय यात्री सवार थे। पत्थरबाजी से बस की खिड़कियां टूट गईं और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं बाकी यात्रियों को भारतीय दूतावास की मदद से नेपाल सरकार द्वारा विशेष विमान से भारत वापस भेजा गया।
बस चालक रामू निषाद ने सोनौली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हम पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने हमारी बस को घेर लिया और हमला कर दिया। बस में महिलाएं और बुजुर्ग यात्री भी थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों को इसकी परवाह नहीं थी।”
उधर, नेपाल में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे Gen Z समूह ने संसद भंग करने और संविधान में संशोधन की मांग की है ताकि जनता की इच्छा को उसमें शामिल किया जा सके। अब तक इस आंदोलन में मृतकों की संख्या 34 पहुंच गई है। समूह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने विचार रखे, जबकि इसके कुछ प्रतिनिधि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल से मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक संकट का हल तलाशने में जुटे हैं।





