संक्रमणकाल में भी सफाई के कार्य में लगे हैं सफाई कर्मी
लखनऊ। कोविड-19 महामारी से पूरा देश जूझ रहा है। इससे बचाव के लिए देश भर में लॉकडाउन जारी है। इन हालातों में प्रधानमंत्री की अपील पर एक ओर हर कोई अपने-अपने घरों में लॉक है। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनी जान जोखिम में डाल कर आवश्यक सेवाएं उनक तक पहुंचा रहे हैं। इन्हीं में से एक वर्ग सफाई कर्मियों का है। यह लोग अपनी और अपने परिवार को छोड़कर रोज सफाई के काम में लगे रहते हैं। घर-घर जाकर कचरा संग्रह करने में लगे रहते हैं।
समाज के हर वर्ग का कर्तव्य बनता है इन सफाई कर्मियों के जज्बे को सलाम करते हुए उनका स्वागत सम्मान करें। लेकिन अपने घर के दरवाजे पर ही। सड़क पर निकलने की जरूरत नहीं है। महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कोरोना महामारी से शहर जूझ रहा है। इस कठिन परिस्थिति में अपनी परवाह न करते हुए सफाई कर्मी संक्रमणकाल में भी सफाई के कार्य में लगे हैं। दिन रात पूरी मेहनत और ईमानदारी से शहर को स्वच्छ बनाने में एवं महामारी से मुक्त करने में लगे हुए हैं। सही मायनों में यह स्वच्छता के दूत ही तो हैं।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि गुरुवार को अपने घर के द्वार पर ही सिर्फ अपनी गली की सफाई करने वाले कर्मयोगी स्वच्छता वारियर्स पर पुष्पार्जन कर उनका स्वागत करें, उनका उत्साहवर्धन करें, उनको हमारी सुरक्षा के लिए, हमारी गली को स्वच्छ रखने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करें। असल में, करोना के जंग में यह लोग भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर ऐसे सफाई कर्मियों को सम्मानित करने की पहल महापौर ने की है। जिस तरह से सैनिक हर मोर्चे पर देश की सेवा में लगे रहते हैं, उसी तरह सफाईकर्मी भी कोरोना के खिलाफ जंग में अस्पताल हो, कार्यालय हो, शहर हो या मोहल्ला, सबसे पहले उन जगहों पर पहुंच कर अपने कार्य में लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के फ्रंटलाइन वारियर्स स्वच्छता के दूत हैं। इनके कारण ही हम सुरक्षित हैं। महापौर ने सफाई कर्मियों को रीढ़ की हड्डी बताया।





