हिमाचल : शिमला के भूस्खलन प्रभावित इलाके से एक और शव बरामद, कुल्लू में आठ इमारतें गिरीं
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बृहस्पतिवार को बारिश की वजह से कम से कम आठ खाली इमारतें धराशायी हो गई, जबकि यहां स्थित शिव मंदिर में भूस्खलन स्थल से एक और शव बरामद किया गया। कुल्लू के अन्नी इलाके में इमारत गिरने की घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ये वह इमारतें थीं जिनमें गहरी दरारें आने के बाद उन्हें खाली करा लिया गया था। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि केवल शिमला जिले के तीन भूस्खलन स्थल से अब तक कुल 25 शव निकाले जा चुके हैं। इनमें से समर हिल से 18, शिव मंदिर और फागली से 5 और कृष्णानगर से 2 शव बरामद किये गये हैं। अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को भूस्खलन स्थल से
एक और शव निकाला गया। शव की पहचान समरहिल निवासी नीरज के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि दो शव अभी भी मलबे में दबे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस महीने बारिश संबंधित घटनाओं में करीब 120 लोगों की मौत हुई है। 24 जून को राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक कुल 239 लोगों ने बारिश जनित घटनाओं में अपनी जान गंवाई है तथा 40 लोग अभी भी लापता हैं। अन्नी के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नरेश वर्मा ने कहा कि धराशायी हुए इमारतों में दुकान, बैंक और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान थे। इमारतों में चार-पांच दिन पहले दरारें आ गई थीं तथा इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि हाल ही में सभी इमारतों को खाली करा लिया गया था।
अधिकारी ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा अन्नी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के किनारे स्थित कुछ अन्य असुरक्षित इमारतों को भी एहतियान खाली करा लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भारी बारिश के कारण राज्य को अब तक लगभग 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का कहर जारी है। बुधवार शाम से पालमपुर में 137 मिमी, नाहन में 93 मिमी, शिमला में 79 मिमी, धर्मशाला में 70 मिमी और मंडी में 57 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम कार्यालय ने 25 अगस्त को राज्य में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है। कार्यालय ने 30 अगस्त तक बारिश की संभावना व्यक्त की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) मौसम की चेतावनी के लिए चार रंगों के कोड का उपयोग करता है, जिसमें हरा (कोई कार्वाई आवश्यक नहीं), पीला (नजर रखें और तत्पर रहें), नारंगी (तैयार रहें) और लाल (कार्वाई करें) शामिल हैं। स्थिति के अनुसार, इन रंगों के अलर्ट जारी किए जाते हैं। ये अलर्ट ग्रीन अलर्ट , येलो अलर्ट , आॅरेंज अलर्ट और रेड अलर्ट होते हैं।
प्रधान सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने कहा, राज्य में कम से कम 530 सड़कें बंद हैं और 2,897 ट्रांसफार्मर बाधित होने से कई हिस्सों में बिजली नहीं है। मंगलवार रात को राज्य में तीसरे दौर की मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शिमला शहर को भारी नुकसान हुआ। नौ और दस जुलाई को भीषण बारिश ने मंडी और कुल्लू जिलों में तबाही मचायी थी। शिमला और सोलन जिलों में 14 और 15 अगस्त को बारिश ने कहर ढाया था। मंगलवार रात से तीसरे दौर में शिमला में फिर से तबाही का दौर शुरू हो गया। पंडोह के पास भारी भूस्खलन के कारण मंडी-कुल्लू के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है तथा बजौरा के अलावा पंडोह और औट तक राहत शिविर स्थापित किये गये हैं।





