लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे दिसम्बर 20 तक साकार रूप ले लेगी। इसको लेकर यूपीडा युद्धस्तर पर कार्य में जुटा हुआ है। संभावना है कि योगी सरकार साल के अंत तक पूर्वांचल एक्सपे्रस-वे जनता को समर्पित कर देगा।
340.824 किमी लम्बी निर्मित होने वाले इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 97 प्रतिशत क्लीयरिंग मिल चुकी है। लगभग 70 प्रतिशत मिट्टी भराई का कार्य भी पूरा हो चुका है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा अवनीश अवस्थी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
वर्ष 2020 में इस एक्सप्रेस-वे के मुख्य-मार्ग को खोलने की योजना है। उन्होंने बताया कि 340.824 किमी निर्मित होने वाले इस एक्सप्रेस-वे का लगभग 30 प्रतिशत से अधिक भौतिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 21 जनवरी तक 97 प्रतिशत से अधिक क्लीयरिंग व ग्रबिंग का कार्य तथा 70 प्रतिशत से अधिक मिटटी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इसके अलावा अन्य कार्यों को भी पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। अवस्थी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731 लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (ग्राम-चांदसराय) से प्रारम्भ होकर बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ होते हुए गाजीपुर (ग्राम-हैदरिया) में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 पर समाप्त होता है। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लम्बाई-340.824 किमी है, जिसके निर्माण के लिये एक्सप्रेस-वे को 8 पैकेजों में विभक्त किया गया है। यह एक्सप्रेस-वे 6 लेन चौड़ा व 8 लेन में विस्तारणीय है।
यूपीडा के मीडिया सलाहकार दुर्गेश उपाध्याय ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में खास बात यह है कि कोई भी व्यक्ति इस निर्माण कार्य की दैनिक प्रगति स्वयं देख सकता है। बीस दिसम्बर को इस मोबाइन एप की लांचिंग की जा चुकी है। यूपीडा के मोबाइल एप के माध्यम से वह यह जान सकता है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में आज क्या निर्माण कार्य हुए है? उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर इसके निर्माण पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। 2020 अंत तक इसका निर्माण हर हाल में पूरा कर लिया जाए इसके लिए यूपीडा के अध्यक्ष स्वयं एक्सप्रेस-वे के निर्माण में पूरा ध्यान दे रहे है।





