नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2014 से 2029 तक की अवधि भारत जैसे युवा लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल देश के विकास के लिए ऐतिहासिक रहे और आगामी वर्षों के दौरान बहुत कुछ किया जाना बाकी है जो देश को नए दशक में आगे ले जाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने ए बातें सांसदों के लिए राजधानी दिल्ली के डॉ बीडी मार्ग पर बनाए गए बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कही। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल के भीतर सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के चलते 17वीं लोकसभा का कार्यकाल अभी से इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय शहरी आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद पटेल और संसद की आवास समिति के अध्यक्ष सी आर पाटिल भी शामिल हुए।
मोदी ने कहा कि सामान्य तौर पर यह कहा जाता है कि युवाओं के लिए 16, 17, 18 साल की उम्र बहुत महत्वपूर्ण होती है और ठीक उसी प्रकार 16, 17, 18 की ये उम्र किसी युवा लोकतंत्र के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 2019 के चुनाव के साथ ही हमने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा किया है। यह समय देश की प्रगति के लिए, देश के विकास के लिए बहुत ही ऐतिहासिक रहा है। 2019 के बाद से 17 वीं लोकसभा का कार्यकाल शुरू हुआ है। इस दौरान भी देश ने जैसे निर्णय लिए हैं, जो कदम उठाए हैं, उनसे यह लोकसभा अभी से ही इतिहास में दर्ज हो गई है।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि 18 वीं लोकसभा भी देश को नए दशक में आगे ले जाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, देश के सामने इतना कुछ है जो हमें इस दौरान हासिल करना है। चाहे आत्मनिर्भर भारत अभियान हो, अर्थव्यवस्था से जुड़े लक्ष्य हों, या ऐसे ही कितने और संकल्प, ये सब हमें इसी दौरान ही ये करने हैं।
उन्होंने कहा, 16वीं, 17वीं और 18वीं लोकसभा का कालखंड हमारे युवा देश के लिए बहुत अहम है। देश के लिए इस महत्वपूर्ण समय का हम सबको हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम सबकी जिम्मेदारी है जब इतिहास में लोकसभा के अलग-अलग कार्यकालों का अध्ययन किया जाए तो ये कार्यकाल देश की प्रगति के स्वर्णिम अध्याय के तौर पर याद किए जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश की कार्य प्रणाली में, शासन में एक नई सोच और नया तौर तरीका दिखाई दे रहा है और यही कारण है कि देश की संसद आज एक नए भारत के लिए कदम बढ़ा रही है तथा बहुत तेजी के साथ फैसले ले रही है।
उन्होंने कहा, पिछली 16वीं लोकसभा ने पहले की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा विधेयक पारित किए। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में तय समय से 135 प्रतिशत काम हुआ। राज्यसभा ने भी शत प्रतिशत काम किया। ये प्रदर्शन पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है। पिछली सर्दियों में भी लोकसभा की उत्पादकता 110 प्रतिशत से ज्यादा रही है।







