नई दिल्ली। चीन से केरल लौटे तीन नागरिकों में कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक होने के बाद देश में अब इस खतरनाक वायरस के संक्रमण का कोई मरीज नहीं है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए देशव्यापी स्तर पर किए गए एहतियाती चिकित्सा इंतजामों की समीक्षा बैठक में सभी राज्यों से मिली जानकारी के आधार पर देश में कारोना वायरस के संक्रमण का अब एक भी मरीज नहीं होने की पुष्टि की।
बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कारोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि के लिए 2707 सेंपल की जांच की गई, इनमें से सिर्फ तीन में संक्रमण पाया गया। केरल में मौजूद तीनों मरीजों को इलाज के बाद पूर्ण से स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डा. हर्षवर्धन ने देश में कोरोना के संक्रमण का अब एक भी मामला नहीं होने के बावजूद सभी राज्य सरकारों से पूरी सतर्कता के साथ निगरानी बरतने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकारों से इस वायरस के संक्रमण के बारे में लोगों को जागरुक बनाने की भी अपील की है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद भारत में भी इस खतरे से निपटने के लिए देश में सभी 21 हवाईअड्डों, 12 बड़े और 65 छोटे बंदरगाहों पर यात्रियों की नियमित रूप से जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अब 3835 उड़ानों से 3,97,148 यात्रियों की जांच की गई और संक्रमण के लक्षण वाले 2707 लोगों के रक्त के नमूने का परीक्षण कराए जाने पर केरल में तीन नागरिकों की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। तीनों संक्रमित व्यक्ति अतीत में चीन की यात्रा से लौटे थे। तीनों का इलाज स्थानीय अस्पताल में पृथक केन्द्र में रख कर किया गया।
इस सप्ताह इन्हें पूर्ण से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के मुताबिक ए लोग फिलहाल अपने घर में परिजनों से अलग रह रहे हैं। हाल ही में चीन की यात्रा करने वाले 21,805 लोगों को 34 राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों में समग्र रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत सामुदायिक निगरानी में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि चीन में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित वुहान से लाए गए 650 से अधिक भारतीय नागरिकों में भी वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया। इन लोगों को दिल्ली में दो पृथक केन्द्रों में निर्धारित मानकों के तहत चिकित्सा निगरानी में रखने के बाद इन्हें घर जाने की इजाजत दे दी गई। इन लोगों को भी अपने घर में फिलहाल कुछ दिनों तक परिजनों से अलग रहना होगा।
डा. हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए की गई कार्वाई और इसके असर की समीक्षा कर मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे भी सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकारों से भी निर्धारित मानकों के मुताबिक स्थिति की नियमित समीक्षा कर मंत्रालय को भी अवगत कराने को कहा है।





