ललित कला अकादमी में कला यात्रा और शोध कार्यों को किया साझा
लखनऊ। ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र की ओर से अलीगंज स्थित परिसर में एक विशेष पीपीटी प्रस्तुति एवं व्याख्यान कार्यक्रम हुआ। वर्धनी शीर्षक के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में अकादमी के शोधार्थियों ने अपनी कला यात्रा और शोध कार्यों को साझा किया। सत्र के मुख्य आकर्षण ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के द्वारा चित्रकला विधा में स्कॉलरशिप प्राप्त दो कलाकार कनुमोनु वेणु (पेंटिंग) एवं सौरभ सिंह (फोटोग्राफी) रहे। आंध्र प्रदेश के मूल निवासी कनुमोनु वेणु ने चित्रकला के क्षेत्र में अपने नवीन प्रयोगों और वैचारिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपनी शोध प्रक्रिया, विषयों के चयन और कला में आ रहे तकनीकी बदलावों पर विस्तृत चर्चा की। उनके व्याख्यान ने उपस्थित विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को शोध की बारीकियों से अवगत कराया। सौरभ सिंह ने छायांकन की बारीकियों और इस नवीन माध्यम से कहानी कहने की कला पर विस्तार से चर्चा की। बौद्धिक सत्र में शहर के कई प्रतिष्ठित वरिष्ठ कलाकार, क्षेत्रीय केन्द्र के कार्यरत कलाकार, शोधार्थी और बड़ी संख्या में कला के छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित दर्शकों और वक्ताओं के बीच एक संवादात्मक सत्र भी हुआ। जिसमें कला की बारीकियों पर चर्चा की गई। वरिष्ठ फोटोग्राफर राकेश सिन्हा ने इस अवसर पर स्कॉलर्स के कार्यों की सराहना करते हुए कला के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास और नई तकनीक के समावेश पर बल दिया। वरिष्ठ ग्राफिक कलाकार सदीप भाटिया ने कहा कि एक विचार धीरे-धीरे कैनवास पर आकार लेता है। इन दोनों शोधार्थियों की कृतियों में रंगों का संयोजन और चित्र उनकी परिपक्वता को दर्शा रहे हैं। क्षेत्रीय सचिव डॉ देवेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली एक साधना है और केन्द्र द्वारा कलाकारों को दिए जा रहे मंच की महत्ता पर प्रकाश डाला।





