उत्तराखंड महोत्सव में सजे स्टॉल, 600 रुपये किलो मिल रही बाल मिठाई
लखनऊ। बीरबल साहनी मार्ग पर स्थित पं. गोविंद वल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में रविवार से दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव की शुरूआत हो रही है। हालांकि सांस्कृतिक उपवन में एक दिन पहले ही स्टॉल सज चुके हैं और लोगों ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। शनिवार को यहां आयोजित डांडिया नाइट देखने पहुंचे लोगों ने खरीदारी भी की। अल्मोड़ा की मशहूर बाल मिठाई और सिंगौड़ी का क्रेज लोगों में बरकरार है। खास बात यह है कि इस बार भी इसकी कीमत में कोई इजाफा नहीं किया गया है, जिससे ग्राहक खुश हैं।
अल्मोड़ा से बाल मिठाई और सिंगौड़ी लेकर आए दीवान सिंह बिष्ट व सुंदर सिंह बिष्ट ने बताया कि बाल मिठाई व सिंगौड़ी का पुराना स्वाद बरकरार है और पिछले साल के दामों पर ही। 20 साल से आ रहे दीवान सिंह ने बताया कि बाल मिठाई का व्यवसाय उनके परिवार में कई पीढ़ियों से चला आ रहा है। दूध से खोया बनाकर उसे घंटों औंटा जाता है और फिर हल्की शक्कर में इसके चॉकलेटी रंग आने तक घोंटा जाता है। इस मिठाई की खासियत है कि इसे फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती है और इसे एक महीने तक घर में रखा जा सकता है। यह खराब नहीं होती है। हमारे पास बाल मिठाई 600 रुपये किलो है और इसका चॉकलेटी फ्लेवर 700 रुपये किलो है। दीवान और सुंदर के अनुसार, सिंगौड़ी को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है। इसे कच्चे दूध के खोया के साथ तैयार करते हैं। सिंगौड़ी को मालू के पत्ते में लपेटकर दिए जाने के पीछे की वजह वे बताते हैं कि इससे सिंगौड़ी का स्वाद बदल जाता है। मालू के पत्ते की वजह से सिंगौड़ी में सोंधी खुशबू आती है। इसकी कीमत 900 रुपये किलो है। प्रति पीस 50 रुपये में उपलब्ध है।





