तेल अवीव। गाजा में सभी खाद्य वस्तुओं और रसद का प्रवेश रोके जाने के कारण इजराइल को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल ने रविवार को गाजा पट्टी में सभी वस्तुओं और रसद का प्रवेश रोकते हुए चेतावनी दी थी कि यदि हमास संघर्षविराम की अवधि को बढ़ाने संबंधी नए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त परिणाम भुगतने होंगे। मध्यस्थों मिस्र और कतर ने इजराइल पर भुखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करके मानवीय कानून का उल्लंघन करने का रविवार को आरोप लगाया।
हमास ने इजराइल पर संघर्षविराम समझौते को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सहायता पर रोक संबंधी उसका फैसला युद्ध अपराध है और समझौते (संघर्षविराम) पर हमला है। यह समझौता जनवरी में हुआ था। इजराइल-हमास के बीच संघर्षविराम का पहला चरण शनिवार को समाप्त हो गया। इसमें मानवीय सहायता में वृद्धि देखी गई। दोनों पक्षों के बीच अभी दूसरे चरण पर बातचीत होनी बाकी है, जिसमें इजराइल अपनी सेना वापस बुलाएगा और स्थायी संघर्षविराम करेगा। इसके बदले में हमास शेष बंधकों को रिहा करेगा।
इजराइल ने रविवार को कहा कि अमेरिका के नए प्रस्ताव में संघर्ष विराम को रमजान और यहूदी पासओवर अवकाश (जो 20 अप्रैल को समाप्त होगा) तक बढ़ाने का आह्वान किया गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस प्रस्ताव के तहत हमास पहले दिन आधे बंधकों को रिहा कर देगा और बाकी को तब रिहा करेगा जब स्थायी युद्ध विराम पर समझौता हो जाएगा। हमास ने वर्तमान में 59 लोगों को बंधक बना रखा है, जिनमें से 35 के मारे जाने की आशंका है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूग्स ने नये प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी किए बिना कहा कि इजराइल जो भी निर्णय लेगा, अमेरिका उसका समर्थन करेगा।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि इजराइल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय बिठाकर काम कर रहा है। गाजा पट्टी की पूर्ण घेराबंदी करने के इजराइल के फैसले की मिस्र ने निंदा की है और उस पर भुखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने इजराइल-हमास युद्धविराम के अगले चरण के तत्काल कार्यान्वयन का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने कहा कि युद्ध विराम ने अनगिनत लोगों की जान बचाई है, गत छह सप्ताहों में हुई प्रगति की गति में कोई भी कमी लोगों को फिर से निराशा में धकेल सकती है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने इजराइल के निर्णय को चिंताजनक बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून में स्पष्ट किया गया है कि सहायता तक पहुंच की अनुमति दी जानी चाहिए।





