लखनऊ। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से गुरुवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की जारी रैकिंग में मैनेजमेंट कैटेगरी में आईआईएम लखनऊ लगातार चौथी बार भी अपने चौथे स्थान पर आया है जबकि ओवरऑल रैकिंग की बात की जायें तो आईआईटी कानपुर ने छठवीं रैंक और इंजीनियरिंग कैटेगरी में चौथी रैंक हासिल की है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में एकेटीयू के छह संस्थानों ने टॉप 300 में और फार्मेसी कैटेगरी में टॉप 50 में एनआईईटी जगह बना पाने में सफल रहा है।
एनआईआरएफ की ओर से जारी रैकिंग में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ को चौथा स्थान मिला है। बीते तीन वर्षों में भी आईआईएम लखनऊ की रैकिंग चौथी आयी थी। आईआईएम लखनऊ के सीसीएमआर के निदेशक प्रो. विकास श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार हमने अलग-अलग सेक्टर में बेहतरीन स्कोर प्राप्त किया है, यही कारण है कि इस बार हमने चौथे व पांचवे पायदान के अंतर को कम करने में सफलता पाई है।
प्रो विकास का कहना है कि शिक्षण, शोध, स्टूडेंट प्लेसमेंट, लर्निंग आउटकम, प्रैक्टिस प्रोफेशनल, भौगोलिक डायवर्सिटी, ग्रेजुएशन आउटकम, जेंडर आदि समेत अन्य सभी सेक्टर में हमने बेहतर किया है। आइआइएम लखनऊ की निदेशक प्रो. अर्चना शुक्ला ने बताया की संस्थान की बेहतरी के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।
आईआईटी कानपुर ओवरआल बीते वर्षों की तरह अडिग
मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से हर वर्ष नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग जारी की जाती है। इसमें ओवरऑल के अलावा इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, विश्वविद्यालय, कॉलेज, आर्किटेक्चर, लॉ, फामेर्सी और मेडिकल कैटेगरी में अलग-अलग रैंक जारी होती है। गुरुवार को मंत्रालय की ओर से रैंकिंग की सूची जारी की गई।
ओवरऑल रैकिंग में पिछले दो वर्ष आईआईटी कानपुर ने एक पायदान की छलांग लगाते हुए छठें स्थान पर था और इस बार भी उसी रैंक पर निर्धारित मानकों को बनाये हुये बना हुआ है। जबकि इंजीनियरिंग वर्ग में आईआईटी कानपुर पिछले वर्षों में पांचवें स्थान पर था और इस बार एक पायदान चढ़कर चौथे स्थान पर आ गया है।





