बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति निदेशालय के सहयोग से चित्रण कला मंच समिति लखनऊ द्वारा आज से आजादी के कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। इस कार्यक्रम में नृत्य व नाटक का निर्देशन सूरज गौतम व विपिन कुमार ने किया। नाटक पूरी तरह से आजाद के जन्म व ब्रिटिश हुकुम को लोहा लेकर देश को आजाद करने में जनमानस के अंदर किस तरह राष्ट्र चेतना जागृत करना तथा काकोरी ट्रेन कांड के इर्द-गिर्द घूमती है जब बचपन में चंद्रशेखर आजाद अपनी मां को पत्र के माध्यम से जानकारी देते हैं ये दृश्य देखकर दर्शक भावविह्वल हो जाते हैं। नाटक में दर्शकों को दिसंबर 1921 गांधी जी का असहयोग आंदोलन का दौर नजर आता है जिसमें 14 वर्ष की उम्र में बालक चंद्रशेखर ने इस आंदोलन में भाग लिया था। चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है चंद्रशेखर ने उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम आजाद पिता का नाम स्वतंत्रता और घर जेलखाना बताया जज ने उन्हें अल्पायु होने के कारण कारागार का दंड न देकर 15 कोड़े देने की सजा सुनाते हुए आजाद को हर कूड़े पर वंदेमातरम भारत माता की जय नारा लगाते है चंद्रशेखर आजाद की भूमिका में योगेंद्र पाल रोहित बटोही, कोमल प्रजापति, अखिलेश, प्रियांशी मौर्य, स्नेहा गौतम, अनुष्का वर्षा कश्यप, वैष्णवी गौतम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





