गुरु तेग बहादर जी महाराज के 405वां प्रकाश पर्व पर सजा विशेष दीवान
लखनऊ। धन-धन साहिब श्री गुरु तेग बहादर जी महाराज के 405वां प्रकाश पर्व के अवसर पर सुबह 9:00 बजे श्री अखण्ड पाठ साहिब की आरम्भता गुरुद्वारा मानसरोवर में हुई, जिसकी समाप्ति मंगलवार 7 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे होगी।
सोमवार को शाम 06:30 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक और मंगलवार शाम को 06:30 से रात्रि 11:00 बजे तक कीरतन दिवान सजाया जायेगा। इस शुभ अवसर पर भाई जगतार सिंह, दरवार साहब वाले, ज्ञानी परमजीत सिंह, हजूरी रागी हरविन्दर सिंह, गुरुद्वारा मानसरोवर वालो ने सभी साध संगतों को गुरवाणी, कीरतन, कथा से निहाल किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब को फूलों, लाइटों एवं गुब्बारों से सजाया गया। सायं 6:30 बजे से समाप्ति तक दोनों ही दिन विशेष समागम गुरूद्वारा मानसरोवर में धूमधाम से मनाया गया। बाहर से आये रागी जत्थो ने साध संगतों को कथा, शबद कीरतन से निहाल किया। भाई जगतार सिंह जी दरवार साहब वालों ने -हरि जसु रे मना गाइ ले जो संगी है तेरो…भाई हरविन्दर सिंह जी गुरूद्वारा मानसरोवर वालों ने -प्रीतम जानि लेहु मन माही। ज्ञानी परमजीत सिंह ने श्री गुरु तेग बहादर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री गुरु तेग बहादर जी ने हिन्दू धर्म के तिलक और जनेऊ की रक्षा की, उन्होंने दिल्ली चाँदनी चौक में हिन्दू धर्म बचाने के वास्ते अपना बलिदान दिया। सन् 1621 अमृतसर गुरू के महल में गुरु हरगोविन्द साहेव अते माता नानकी जी के घर आप जी का पावन प्रकाश हुआ। अंत में मुख्य सेवादार सरदार सम्पूरन सिंह बग्गा जी ने उग्राही सेवा के सदस्यों को गुरू घर का सरोपा देकर सम्मानित किया एवं सभी साध संगतो को गुरू पर्व की बधाई दी। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के सभी सदस्य इकबाल सिंह, सुरेन्दर सिंह बग्गा, चरनजीत सिंह छाबड़ा, अमरजीत सिंह, परमजीत सिंह चन्दर, गगनदीप सिंह बग्गा तथा गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के सारे मेम्बर मौजूद रहे।
यहियागंज गुरुद्वारे में प्रकाश प्रकाश पर्व आज
लखनऊ। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी यहियागंज में श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी का प्रकाश प्रकाश पर्व 7 अप्रैल को बहुत ही श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया जाएगा। प्रात: 7:30 बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ऊपर गुलाब के फूलों से फूलों की वर्षा की जाएगी। गुरद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि डॉ गुरमीत सिंह के संयोजन में प्रात: 5:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक एवं शाम 7:00 बजे से देर रात्रि तक विशेष दीवान सजाए जाएंगे। श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी 1670 में इस स्थान पर आए थे एवं तीन दिन रुके थे। इस आयोजन में मुख्य रूप से श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर के मुख्य ग्रंथि सिंह साहब ज्ञानी अमरजीत सिंह जी एवं भाई जगतार सिंह जी व भाई गुरदेव सिंह कोहाड़का जी विशेष रूप से पधार रहे हैं।





