लखनऊ। हिंदू पंचांग के अनुसार साल में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। आमतौर पर लोग चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में जानते हैं, लेकिन माघ और आषाढ़ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक और तांत्रिक दृष्टि से विशेष महत्व है। विशेषकर माघ मास की गुप्त नवरात्रि को पुण्यदायी माना जाता है, क्योंकि इस दौरान साधक 10 महाविद्याओं की गुप्त रूप से आराधना करते हैं। इस साल माघ मास की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो रही है। तंत्र शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान किए गए विशेष उपायों से माता रानी की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सफलता, समृद्धि और भाग्य बढ़ता है।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
गुप्त नवरात्रि का संबंध 10 महाविद्या की साधना से जुड़ा है। माघ के महीने में मनाई जाने वाली गुप्त नवरात्रि ठंड के दिनों में होती है। बसंत ऋतु के आगमन के दौरान ही ये पूजा होती है। ये तंत्र-मंत्र और गुप्त सिद्धियों के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा और उनकी 10 महाविद्याओं को पूजने से जिंदगी की बाधाएं खत्म होती हैं और हर मनोकामना की पूर्ति होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान की गई पूजा जितनी गुप्त रखी जाए, वो उतनी ही सफल होती है।
गुप्त नवरात्रि में 9 नहीं 10 देवियों की होती है पूजा
चैत्र और शारदीय नवरात्रि के 09 दिनों में जहां प्रत्येक दिन एक देवी की पूजा के लिए समर्पित होता है और कुल 09 देवियों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा होती है, तो वहीं माघ और आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या – काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की गुप्त रूप से साधना-आराधना की जाती है. माघ मास की गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन बसंत पंचमी का महापर्व भी मनाया जाता है, जिसमें माता सरस्वती की भी विशेष पूजा की जाती है।
मां दुर्गा की विशेष पूजा
माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान अगर आप मां दुर्गा की विशेष पूजा कर रहे हैं, तो उनके चरणों में कमल का पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कमल के फूल से माता प्रसन्न होती हैं और भक्त की सभी जायज मनोकामनाएं पूरी करती हैं। यदि आपका व्यवसाय मंदा चल रहा है या करियर में वृद्धि नहीं हो रही है, तो इस नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रत्येक दिन माता रानी को 7 साबुत लौंग अर्पित करें। यह सरल उपाय आपके व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करेगा और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। धन-संपत्ति की कमी दूर करने के लिए लाल कपड़े में थोड़ा अक्षत (चावल) और कुछ कौड़ियां बांधकर एक छोटी पोटली बनाएं। इसे माता के चरणों से छूकर अपनी तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें। इससे घर में बरकत आएगी और फिजूलखर्ची कम होगी। जो युवक-युवतियों के विवाह में रुकावटें आ रही हैं, उन्हें गुप्त नवरात्रि में माता पार्वती को 7, 9 या 11 हल्दी की गांठें अर्पित करनी चाहिए। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होंगी। माघ नवरात्रि में केवल देवी की पूजा ही नहीं, बल्कि हनुमान जी की सेवा भी लाभदायक होती है। इसके लिए एक साफ पीपल के पत्ते पर ‘राम’ लिखें, उस पर थोड़ा सा मीठा (गुड़ या बताशा) रखें और हनुमान मंदिर में अर्पित कर दें। यह उपाय धन लाभ और नए अवसरों को आकर्षित करता है। अगर आप किसी कानूनी मामले या कोर्ट-कचहरी में उलझे हुए हैं, तो इस दौरान किसी देवी मंदिर में जाकर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। माता से अपनी जीत की प्रार्थना करें। ऐसा करने से शत्रुओं पर विजय और न्याय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।





