सिंगापुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8000 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ।
इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया। डीबीएस बैंक ने उत्तर प्रदेश के उभरते ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में विशेष रुचि दिखाई। विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और सौर ऊर्जा जैसे हरित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग, विशेषकर सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के लिए ताइवानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की संभावना पर भी चर्चा की गई।
इन सेक्टर्स में हुए एमओयू
- अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट
पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके धरातल पर उतरने के साथ ही लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना को 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह परियोजना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देगी।
- कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क
दूसरी परियोजना कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से संबंधित है। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह लॉजिस्टिक्स पार्क प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क
तीसरी परियोजना के तहत नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमओयू के अनुसार प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 में शुरू करने की योजना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।





