लखनऊ। वर्ष 2025 की विदाई और 2026 के आगमन का जश्न पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहाँ देश के महानगरों में आधुनिकता का रंग दिखा, वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नजाकत और जोश का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
लखनऊ के दिल कहे जाने वाले हजरतगंज में कल रात तिल रखने की भी जगह नहीं थी। ‘गंजिंग’ के शौकीन लोग सड़कों पर नए साल का स्वागत करने उतरे। गोमती रिवर फ्रंट और जनेश्वर मिश्र पार्क में शाम से ही परिवारों और युवाओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। शहर के प्रमुख मॉल्स और होटलों में लाइव म्यूजिक और डिनर पार्टियों का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने लजीज व्यंजनों और संगीत के साथ साल 2026 का स्वागत किया।
धार्मिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धा
लखनऊ की सुबह आज प्रार्थनाओं के नाम रही। गोमती तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। बाबा भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया और श्रद्धालुओं ने दूध व जल अर्पित कर सुख-शांति की कामना की। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बैरिकेडिंग के खास इंतजाम किए थे। बजरंग बली के दर्शन के लिए भक्तों का तांता हनुमान सेतु पुल तक पहुँच गया। केसरिया झंडों और फूलों से सजे मंदिर परिसर में सुबह की आरती के वक्त माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के लिए अलग से काउंटर बनाए गए। यहाँ भी भक्तों ने कतारबद्ध होकर लेटे हुए बजरंग बली के दर्शन किए। मान्यता है कि यहाँ साल के पहले दिन दर्शन करने से संकट दूर होते हैं। शहर के बाहरी इलाके में स्थित माँ चंद्रिका देवी के दरबार में भी सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँचे। यहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों का संगम देखने को मिला। वहीं, चौक स्थित ऐतिहासिक मस्जिदों और शहर के प्रमुख गुरुद्वारों में भी लोगों ने मत्था टेककर नए साल में खुशहाली की दुआ मांगी।
डिजिटल इंडिया का दिखा रंग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। इस साल लोगों ने ‘डिजिटल रेजोल्यूशन’ और ‘स्वस्थ जीवनशैली’ को अपनी प्राथमिकता बताया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।





