इस्लामाबाद।पाकिस्तान में अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिए गए अफगान तालिबान के ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से दो बच्चों सहित कम से कम चार लोग घायल हो गए। पाकिस्तान की सेना ने शनिवार को यह जानकारी दी।सेना ने बताया कि इन ड्रोन को शुक्रवार को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही राजधानी इस्लामाबाद से सटे रावलपिंडी, क्वेटा और कोहाट में रोककर नष्ट कर दिया गया।
सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, इन हमलों का मकसद लोगों में डर पैदा करना था और ये हमें उस आतंकवादी मानसिकता की याद दिलाते हैं, जिससे अफगान तालिबान प्रेरित है। सेना की मीडिया शाखा ने कहा कि इन ड्रोन को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया और वे अपने तयशुदा लक्ष्यों तक नहीं पहुंच सके लेकिन इनके मलबे के कारण क्वेटा में दो बच्चे तथा कोहाट एवं रावलपिंडी में एक-एक नागरिक घायल हो गए।
उसने कहा,अफगान तालिबान एक ओर दुनिया की सहानुभूति हासिल करने के लिए खुद को पीड़ित के रूप में पेश करता है, वहीं दूसरी ओर वह अपने आतंकवादी सरगनाओं और अपने ड्रोन के जरिए नागरिकों को सक्रिय रूप से निशाना बनाता है। सेना ने कहा कि पाकिस्तान और उसकी सेना अफगान तालिबान की असलियत से वाकिफ हैं।सेना ने यह भी दोहराया कि अफगान तालिबान जब तक अफगान धरती पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की मूल चिंताओं का समाधान नहीं करता, तब तक आपरेशन गजब लिल-हक जारी रहेगा। उसने कहा,सशस्त्र बल आतंकवाद और उसके विभिन्न स्वरूपों,जैसे अफगान तालिबान के ड्रोन हमलों, के खिलाफ लड़ाई में दृढ़ता से डटे हुए हैं। बयान में कहा गया,हम आतंकवादियों एवं उनके मददगारों से पाकिस्तान की जनता की रक्षा करते रहेंगे और अफगान तालिबान की ऐसी उकसावे वाली कार्वाइयों के सामने पीछे नहीं हटेंगे। पाकिस्तान ने 26 फरवरी को सीमा पर 53 चौकियों पर अफगान तालिबान के हमलों के जवाब में आपरेशन गजब लिल-हक शुरू किया था।





