गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महाराणा प्रताप के त्याग एवं बलिदान से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश एवं समाज की एकजुटता के लिए जातीय भेदभाव को तिलांजलि दें। योगी ने शनिवार शाम तारामंडल रोड स्थित क्षत्रिय भवन, प्रताप सभागार में महाराणा प्रताप की अश्वारोही प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, देश एवं समाज के लिए जातीय भेदभाव, छुआछूत एवं अस्पृश्यता महापाप है। ये वे कारण हैं जिनसे स्वदेश एवं स्वधर्म पर संकट आया, देश गुलाम हुआ, धर्मस्थल नष्ट हुए।
लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय संगठनों को जाति विशेष का संगठन बनने की बजाय सामाजिक संगठन बनकर समाज एवं देश को एकजुट करने के लिए समाज की कुरीतियों, विकृतियों को दूर करने का बीड़ा उठाना होगा।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए महाराणा प्रताप आदर्श रूप में हैं जिन्होंने भील, मीणा, थारू जनजातियों को साथ जोड़कर स्वदेश व स्वधर्म के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा , देश व धर्म के लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी,गुरु गोविंद सिंह एवं ऐसे ही अनगिनत नायकों के बलिदान की प्रेरणा से नई पीढ़ी को दीक्षित करने की जरूरत है। राष्ट्र नायकों की प्रेरणा से समाज को एकजुट किया जा सकता है।
उन्होंने कहा , महाराणा प्रताप का त्याग एवं बलिदान राज्य, जाति या परिवार के लिए नहीं, बल्कि देश व धर्म के लिए था। संधि के लिए अकबर द्वारा भेजे गए राजा के साथ उन्होंने इसीलिए भोजन करने से मना कर दिया कि उन्हें देश के प्रति स्वाभिमान से समझौता करना गंवारा नहीं था। स्वदेश एवं स्वधर्म की लड़ाई में उन्होंने तमाम दुर्ग एवं किले वापस जीतकर सनातन धर्म व भारत का स्वाभिमान बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, जब समाज बिखरा हुआ होता है तो सोमनाथ मंदिर टूटता है, अयोध्या में राम मंदिर अपवित्र होता है और जब समाज एकजुट होता है तो अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।
योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप के त्याग व बलिदान को नमन करने के लिए हर भारतवासी हल्दीघाटी व मेवाड़ को नमन करता है।





