विशेष संवाददाता लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विगत 6 वर्षों में यूपी बीमारू राज्य की श्रेणी से ऊपर उठकर देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। विगत 6 वर्षों में उत्तर प्रदेश की जीडीपी तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग दोगुनी हुई है। प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है। नीति आयोग के आंकड़े बताते हैं कि विगत 6 वर्षों में यूपी में साढ़े पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य जीवन यापन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न विभागों के लिए चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 22 नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। कार्यक्रम में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा मिशन रोजगार पर तैयार की गयी एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में कुछ नवचयनित अधिकारियों ने अपने विचार भी प्रस्तुत किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा आयोग ने मात्र 10 महीने में नियुक्ति की इस पूरी प्रक्रिया को सम्पन्न कर निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज विभिन्न विभागों के लिए कुल 700 पदों के लिए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 वर्ष पूर्व यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। आज उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से उबरा है और विकास की प्रक्रिया के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह शासन प्रशासन तथा नागरिकों की सामूहिक ताकत का परिणाम है। आप सभी टीम यूपी का हिस्सा बनने जा रहे हैं। आप सभी अधिकारियों को आम नागरिकों की शासन से अपेक्षा पूरी करने के वाहक के रूप में कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सभी नवचयनित नये जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। अब उन्हें प्रशिक्षण पूरा करके विभिन्न विभागों में दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त होगा। सभी नवचयनित अधिकारियों के पास 30 से 35 वर्ष का समय अपनी योग्यता और क्षमता का उपयोग कर स्वयं को स्थापित करने तथा समाज के सामने प्रस्तुत करने का अवसर होगा। इसकी नींव अगले वर्षों में आपको तय करनी है। मेहनत तथा ईमानदारी से मजबूत नींव का निर्माण कर आप जीवन्तपर्यन्त आत्मिक संतुष्टि प्राप्त करेंगे। सामान्य नागरिकों से जुड़ी समस्याएं आपके विभागों में आएंगी। आपको अपने पद के अनुरूप व्यावहारिक जीवन का सामना करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हुए सही तरीके से, सभी नवचयनित अधिकारी अहंकार मुक्त होकर कार्य करेंए तो वे अच्छे अधिकारी के रूप में सामने आएंगे और सम्मान के हकदार बनेंगे। लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है। उन्होंने कहा कि आप सभी अधिकारी सामान्य नागरिक के लिए जितना संवेदनशील बनेंगे, उतना ही आपके भविष्य के लिए अच्छा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद तथा भाई-भतीजावाद नहीं किया गया। विगत 6 वर्षों में प्रदेश के सभी चयन आयोगों और बोर्डों द्वारा प्रत्येक नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रखी गयी है। जो योग्य और सक्षम है, वह चयन की प्रक्रिया से जुड़ते हुए, नियुक्ति प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में सभी जनपद तथा सभी गांव महत्वपूर्ण हैं। आप सभी नवचयनित अधिकारी पूरे प्रदेश को अपना गांव व घर समझकर कार्य करना प्रारम्भ करें।
आप सभी को प्रदेश की 25 करोड़ जनता के लिए कार्य करते हुए उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना है और अपने आपको साबित करना है। यदि आप यह करने में सफल होंगे, तो सभी में एक संतुष्टि का भाव होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, जातिवाद तथा भेदभाव विकास के सबसे बड़े बाधक हैं। आप सभी अधिकारियों को इन पर बड़ा प्रहार करने के लिए तैयार होना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयुष विभाग में चिकित्साधिकारी के पदों के लिए भी नियुक्ति पत्र दिये जा रहे हैं। देश ने आयुष के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है।
यह हेल्थ टूरिज्म के लिए नया अवसर उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाये जा रहे हैं। इसमें सभी चिकित्साधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आयुष तथा आयुर्वेद के क्षेत्र में चिकित्सकों के लिए अपार अवसर तथा सम्भावनाएं हैं। इसके लिए सभी को तैयार होना होगा। कार्यक्रम को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा तथा आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयाल’ ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में नव चयनित अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत समय से नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है तथा उन्हें सुरक्षा प्राप्त हुई है। सभी नव चयनित अधिकारी अपने कर्तव्य का पालन कर्मठता, ईमानदारी तथा सत्यनिष्ठा से करेंगे।
ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 39 डिप्टी कलेक्टर (नियुक्ति विभाग), 93 पुलिस उपाधीक्षक (गृह विभाग), 7 जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी (खाद्य एवं रसद विभाग), 12 कोषाधिकारी, लेखाधिकारी (वित्त विभाग), 10 अधिशासी अधिकारी श्रेणी, सहायक नगर आयुक्त, कर निर्धारण अधिकारी (नगर विकास विभाग), 44 नायब तहसीलदार (राजस्व विभाग), 422 चिकित्साधिकारी (आयुष विभाग), 53 प्राविधिक सहायक, खान अधिकारी, खान निरीक्षक (भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय), 5 व्यवस्थाधिकारी, व्यवस्थापक (राज्य सम्पत्ति विभाग) तथा 15 प्रबन्धक, विशेष कार्याधिकारी (खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड) के कुल 700 पदों के लिए नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।





