लखनऊ,विशेष संवाददाता। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 202627 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया। यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत किया। पढ़िए बजट के प्रमुख अंश-
● नलकूपों से सिंचाई के लिये किसानों को दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से मुफ्त विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है।
● वर्ष 2025-2026 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के अन्तर्गत दिनाँक 19 दिसम्बर, 2025 तक 10,257 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर 15 लाख 01 हजार कृषकों को लाभान्वित किया गया।
● वर्ष 2025-2026 मे दीर्घकालिक ऋण वितरण के लक्ष्य रूपये 600 करोड़ के सापेक्ष दिनाँक 30 नवम्बर, 2025 तक 205 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर 6,870 कृषकों को लाभान्वित किया गया।
● प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2017-2018 से 2024-2025 तक लगभग 62 लाख कृषकों को 5,110 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।
● वर्ष 2025-2026 में खरीफ के अन्तर्गत माह दिसम्बर, 2025 तक 2.69 लाख बीमित कृषकों को 215 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।
● प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में माह दिसम्बर, 2025 तक 3.12 करोड़ कृषकों को लगभग 94,668 करोड़ रूपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से कृषकों के खातों में हस्तान्तरित की गयी।
महिला
● वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बी0सी0 सखी द्वारा 39,000 करोड़ रूपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन करते हुये लगभग 107 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया गया।
● महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है।
● महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है।
● सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सी.सी.टी.वी. नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
● सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने व कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व नये शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
● मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है।
● मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अन्तर्गत जनवरी, 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुयी हैं।
युवा
● उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विगत 5 वर्षों में 9.25 लाख युवाओं को विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित करते हुये प्रमाणीकृत किया गया जिनमें से 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है।
● मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केन्द्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है।
● युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
● स्वामी विवेकानन्द युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निःशुल्क वितरित किये जा चुके हैं।
● प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध करायी गयी है।
श्रमिक कल्याण
● अपने घर, गाँव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिये लेबर अड्डों का निर्माण कराया जायेगा।
● एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रूपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रूपये का भुगतान किया जा रहा है।
● प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।
● रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।
रोजगार
● पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर वर्ष 2017 से अब तक 1,83,766 पुरूष एवं 35,443 महिला सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गयी है तथा 1,58,000 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी।
● पुलिस विभाग में चयनित किये गये 60,244 आरक्षियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है। अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है।
● मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुये अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया।
● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को गारण्टी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा।
● निवर्तमान मनरेगा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 20 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 13 जनवरी, 2026 तक 20 करोड़ 19 लाख 62 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो कि देश में सर्वाधिक है तथा 47.11 लाख परिवारों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
श्रमिक कल्याण
● अपने घर, गाँव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिये लेबर अड्डों का निर्माण कराया जायेगा।
● एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रूपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रूपये का भुगतान किया जा रहा है।
● प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।
● रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।
● अब मैं वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का संक्षिप्त विवरण इस सम्मानित सदन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा।
● वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ रूपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूँजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
● शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिये आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।
● 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हंे केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।
● राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋणदृजीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। ● परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।
वित्तीय वर्ष 2026-2027 : वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश
● मुझे इस सदन को यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है तथा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है।
● इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
कानून व्यवस्था
● जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
● प्रदेश में जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा कठोर प्रयास किये जा रहे हैं जिसके फलस्वरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है।
● वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती, लूट, हत्या, बलवा और फिरौती के लिये अपहरण के मामलों में क्रमशः 89 प्रतिशत, 85 प्रतिशत, 47 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 62 प्रतिशत की कमी हुयी है।
● महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या, दहेज, मृत्यु, बलात्कार और शील भंग के मामलों में क्रमशः 48 प्रतिशत, 19 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 34 प्रतिशत की कमी आयी है।
● अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न संबंधी अपराधों में 2016 के मुकाबले हत्या, आगजनी, बलात्कार, गम्भीर चोट के मामलों में क्रमशः 43 प्रतिशत, 94 प्रतिशत, 32 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की कमी आयी है।
● पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 1374 करोड़ रूपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 1243 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिये 346 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● अग्निशमन केन्द्रों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्थ, नवनिर्मित केन्द्रों को पूर्ण से क्रियाशील बनाने हेतु 190 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र.भमण हेतु वाहनों के क्रय हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
चिकित्सा शिक्षा
● चिकित्सा शिक्षा के लिये 14,997 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं।
● वर्तमान में 60 जनपद मेडिकल कालेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं। 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पी0पी0पी0 पद्धति से की जानी है।
● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एम0बी0बी0एस0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया।
● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया।
● 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1023 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● असाध्य रोगों के इलाज के लिये निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
● चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिये 37,956 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
● जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।
● राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
● प्रदेश के समस्त जनपदों में दिनाँक 08 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत 03 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलायी गयी।
● जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है।
● आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है।
● एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है।
● राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
आयुष
● आयुष सेवाओं के लिये लगभग 2,867 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1,585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 08 आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, 02 यूनानी मेडिकल कालेज एवं उससे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा 09 होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय क्रियाशील हैं।
● आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्यवस्था हेतु प्रदेश में 02 राजकीय औषधि निर्माणशालाएं लखनऊ एवं पीलीभीत में संचालित हैं जिनको सुदृढ़ करते हुये इनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
● अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
● मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना हेतु 5,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैै।
● स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। इस योजना हेतु 2,374 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास हेतु 2,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश हेतु घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रीढ है। लगभग 3.11 करोड लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।
● प्रदेश में एम.एस.एम.ई. उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 575 करोड़ रूपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है परन्तु आवश्यकतानुसार इसे बढाया जायेगा।
● मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● ‘‘एक जनपद एक व्यंजन’’ जो एक नई योजना है, के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
● हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिये लगभग 5,041 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पाँच गुने से अधिक है।
●वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है।
● प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पी0एम0मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है।
● हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिये अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये 4,423 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
खादी एवं ग्रामोद्योग
● ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’’ के अन्तर्गत वर्ष 2026-2027 में 800 इकाईयों को 40 करोड़ रूपये बैंक ऋण से नये उद्यम स्थापित कराकर 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।
● पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इकाईयों को बैंक ऋण पर ब्याज उपादान की सुविधा हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● कम्बल उत्पादन केन्द्र, खजनी, गोरखपुर के आधुनिकीकरण की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 07 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों के चहुँमुखी विकास हेतु संचालित माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के लिये 13 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स
● आई.टी.एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिये 2,059 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।
● एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरम्भ किया जा रहा है जिसके लिये 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● इण्डिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आई.टी.आई. को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा इण्डिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रूपये की व्यवस्था है।
● साइबर सुरक्षा संचालन केन्द्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 95 करोड़ 16 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है और इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियाँ एआई प्रशिक्षण में हमारे साथ काम कर रही हैं जिसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
● प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
● अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं जिनमें 6 डाटा सेन्टर पार्क्स और 2 डाटा सेन्टर इकाईयाँ हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रूपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गयी।





