-आमआदमी पार्टी ने रखा उपवास
लखनऊ। योगी सरकार द्वारा मजदूरों के खिलाफ लाये गए अध्यादेश की वापसी एवम लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों से अपने राज्य यूपी लौट रहे मजदूरों की हादसे में हुई मौत पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपया मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के सभी पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं ने अपने आवास पर एक दिवसीय उपवास रखा।
उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मजदूरों के खिलाफ लाये गए अध्यादेश को काला कानून बताया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भूख और गरीबी से मर रहे मजदूरों के खिलाफ योगी बाबा ने एक और तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। मालिक को तीन साल के लिए मजदूरों के शोषण की खुली छुट दे दी है। भाजपाइयों पूंजीपतियों को 68 हजार करोड़ मांफ लेकिन मजदूरों का गला दबाकर मारने की तैयारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने मजदूरों की सेवा सुरक्षा शर्तों के खिलाफ अध्यादेश लाकर न्यूनतम वेतन अधिनियम, ट्रेड यूनियन अधिनियम, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम,कारखाना अधिनियम, ठेका श्रमिक अधिनियम, अन्तर्राज्यीय प्रवासी मजदूर अधिनियम, बोनस अधिनियम, असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम जैसे प्रमुख अधिनियमों को खत्म कर मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने का काम किया है। आम आदमी पार्टी मजदूर विरोधी ऐसे तुगलकी अध्यादेश का विरोध करती है।
प्रदेश अध्यक्ष सभाजीय सिंह ने बताया कि इस अध्यादेश से उत्तर प्रदेश में श्रमिकों की स्थिति गुलामों जैसी हो जाएगी। इस तरह प्रदेश में श्रमिकों को पूरी तरह मालिकों के रहमो करम पर छोड़ दिया गया है। पूंजीपति चाहें तो मजदूरों का मनचाहा शोषण कर सकेंगे। सरकार और कानून के पास कोई शिकायत नहीं कर सकेगा। कोई शिकायत मजदूर की नहीं सुनी जाएगी।
उन्होंने अध्यादेश की वापसी एवं लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों से अपने राज्य यूपी लौट रहे मजदूरों की हादसे में हुई मौत पर उनके परिजनों को को 50 लाख रुपया मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की सरकार से मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि श्रम कानून संशोधन के खिलाफ सोमवार को प्रदेश के सभी कार्यकतार्ओं ने एक दिवसीय उपवास रखा, लॉक डाउन खत्म होने पर मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी सडक पर संघर्ष करेगी।





