ईद आज, चांद रात में खरीदारी से पूरी तरह गुलजार रहे बाजार

लखनऊ। 30वें रमजान को चांद का दीदार हुआ और ईद मुबारक की सदाएं फिजा में गूंजने लगीं। देश में ईद उल फित्र का त्यौहार गुरुवार को मनाया जाएगा। सुबह 10 बजे ऐशबाग ईदगाह में नमाज होगी। वहीं आसिफी मस्जिद में सुबह 11 बजे और टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे नमाज अदा की जायेगी। इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद का दीदार करते ही ईद की घोषणा की और कहा कि इस्लाम धर्म में ईद खुशी और जश्न का सबसे बड़ा दिन है और यह दिन खुदा पाक की तरफ से उन लोगों को विशेष तौर पर दिया गया है जिन्होंने रमजान में रोजे रखे और पूरा महीना खुदा पाक की इबादत में गुजारा।
चांद का दीदार होने के साथ ही राजधानी के बाजार पूरी तरह से गुलजार रहे। अमीनाबाद का गड़बड़झाला हो या नक्खास की चूड़ी वाली गली। खदरा का दीनदयाल नगर का बाजार हो या हजरतगंज का जनपथ शहर के तमाम बाजार में ईद की खरीदारी में रात भर गुलजार रहे। हों भी क्यों न ईद की नमाज जो नए कपड़ों मे अदा करनी है। ईद-उल-फित्र की चांद रात में शहर के मुख्य बाजार अमीनाबाद, नजीराबाद, मौलवीगंज, नक्खास, चौक और खदरा सहित सभी बाजारों में ईद की खुमारी में डूबे लोंगों ने रात भर खरीदारी की। दुकानों पर रात में भी ऐसी भीड़ जुटी मानों मेला लगा हो। वहीं घरों में खातून सिवईंयों की मिठास मुंह में घोलने के लिए पूरी रात तैयारियों में लगी रहीं। महिलाओं में सजने संवरने के क्रेज के चलते सुहाग की निशानी के तौर पर पहनी जानी वाली चूड़ियों पर भी फैशन का असर दिखाई दिया। पूरे माह की इबादत और रोजे के बदले अल्लाह की तरफ से ईद के तौर पर मिले तोहफे की खुशी रोजेदार दूसरों के साथ बांट लेना चाह रहा है। ईद की खुशी से झूमते रोजेदार ईद से पहले ही एक दूसरे को मुबारकबाद देने में जुट गए।
सोने-चांदी के नोट ईदी को बना रहे खास: ईदी देने के लिए हर बार की तरह इस बार भी सोने-चांदी के नोट की डिमांड बनी हुई है। बाजार में खास तरह के सोने-चांदी के नोट मौजूद है कुरान की आयतों के साथ हरम शरीफ और मदीना मुनव्वरा की फोटो वाले नोट के साथ ही 2000 रुपए के असली नोट की तरह दिखने वाले नोट भी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। इसकी कीमत 300 रुपए से शुरू हैं, जो 10 हजार रुपए तक है।

टोपियों की खूब हुई खरीदारी:
ईद के मौके पर टोपी खास होती है। ऐसे में बाजारों में टोपियों की कई किस्में नजर आईं। इनमें रंग-बिरंगी टोपियों पर सतरंगी धागों से कढ़ाई, मोतियों की कारीगरी, रेशम धागे से बनी टोपी, चांद सितारे वाली टोपी की खूब बिक्री हुई।

सजावटी सामान की हुई बिक्री:
ईद पर घर सजाने के लिए लोगों ने रंग-बिरंगे बल्ब, छोटे झूमर और पोस्टर भी खरीदे। इसके अलावा रंग.बिरंगी एलईडी लाइटों, चमचमाते परदे, फूलदान और रौशनदान की भी अच्छी-खासी बिक्री हुई।

मेहंदी लगवाने के लिए भी इंतजार:
हजरतगंज स्थित लव लेन और अमीनाबाद में देर रात तक मेहंदी लगाने और लगवाने वालों की भीड़ रही। छोटी बच्चियों से लेकर लड़कियों और महिलाओं ने अपनी पसंद की मेहंदी लगवाई। इलाहबाद और कानपुर के अलावा लखनऊ के कारीगरों ने एक से बढ़कर एक शानदार डिजाइन की मेहंदी लगाई। भीड़ ज्यादा होने के कारण देर रात तक मेहंदी लगवाने वाले अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

पारम्परिक कुर्ते पायजामे की मांग:
ईद की नमाज के लिए कुर्ता पायजामा आज भी लोगों की पहली पसंद रही। इसको देखते हुए शहर के बाजारों मे पारम्परिक कुर्ते पायजामे फिल्मी तड़के के साथ मौजूद है। हालांकि फिल्मी डिजाइनर कुर्तो पर चिकन कारीगरी के कुर्तो का जलवा आज भी कायम है। दबंग फिल्म का डिजाइनर कुर्ता और बोल बच्चन बोल स्टाइल का पठानी सूट का जलवा फीका पड़ चुका है लेकिन बादशाह स्टाइल पठानी सूट लोगों की पसंद बना हुआ है। हालांकि ईद पर सफेद कुर्ता पायजामा सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। वहीं रंगीन प्लेन कुर्तों की मांग भी बनी हुई है। कुर्ता 250 से 1000 रुपए तक जबकि पायजामा 100 रुपए से 150 रुपए कीमत में बाजार में मौजूद हैं। पायजामे के साथ लोअर और पैंट भी लोगों की पसंद बनी हुई है। पिछले साल तक कुर्ता पायजामा के साथए एक था टाइगर स्टाइल के स्टोल खासा पसंद किये जा रहे थे। इस बार पारंपरिक नमाजी रूमाल ने बाजार में फिर से जगह बना ली है। इनकी कीमत 60 रुपए से 400 रुपए तक है। इसके अलावा कुर्तो पर आरी.जरदोजी, चिकनकारी के साथ जालीदार फल और इसके साथ पैच वर्क काफी पसंद किया जा रहा है। ऐसे कुर्ते 250 से 1500 रुपए तक कीमत के बाजार में मौजूद है। साथ ही इंडो वेस्टर्न कुर्ता पायजामा भी बच्चों और बड़ों की पसन्द बने हुए है।

तरह-तरह की सिवईयों से मीठी होगी ईद
लखनऊ। सिवईयों की मिठास के बिना ईद की खुशी पूरी नही होती। वैसे तो सिवईयों की खरीदारी ईद के एक सप्ताह पहले से ही होनी शुरू हो जाती है लेकिन चांद की रात में बेटियों और रिश्तेदारों को त्योहारी देने के लिए खूब खरीदारी होती है।
बाजार में कई किस्म की सिंवई जैसे बनारसी, इलाहाबादी, जाफरानी सिंवई मौजूद हैं। हालांकि स्वाद के दीवाने बारीक सिवंई तलाश रहे है डालीगंज में विक्रेता शानू बताते है कि बनारसी सिवंई की मांग बढ़ गई है। डिब्बा पैक होने की वजह से इसे त्योहारी के तौर पर देने में आसान है। ये 100 रुपए से 150 रुपए तक बिक रही है। मेवे के बगैर सिंवई की लज्जत परवान नही चढ़ सकती। ऐसे में मेवे की भी खूब खरीदारी हुई।

इत्र से महके बाजार:
भले ही बाजार में ब्रैंडेड परफ्यूम मौजूद हों, लेकिन रोजेदारों की पहली पसंद देसी इत्र ही रही। लाजवाब महक की तरह इनकी कीमत भी निराली थी। करीब 10 मिलीग्राम इत्र 100 रुपये से लेकर 15 सौ तक में मिली। अरब देशों से भी मंगाए गए इत्र की भी खूब डिमांड रही।

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