लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से लगातार हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को अब हादसा नहीं, बल्कि हत्या माना जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है, तो यह बाजारों में खुलेआम कैसे बिक रहा है और लोग इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि प्रदेशभर में अभियान चलाकर छापेमारी की जाए और अवैध रूप से मांझा बेचने, सप्लाई करने या स्टॉक रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। सीएम ने साफ किया कि इस तरह की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। साथ ही इस पूरे अभियान की उच्च स्तर पर समीक्षा भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री का यह सख्त फैसला लखनऊ में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद सामने आया है। दुबग्गा निवासी 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब बाइक से हैदरगंज पुल से गुजर रहे थे, तभी वे अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। मांझे से उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई। आनन-फानन में उन्हें ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि शोएब परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उन्होंने हाल ही में घर खरीदा था और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत कर रहे थे। इस हादसे से परिवार गहरे सदमे में है। स्थानीय लोगों ने भी लंबे समय से चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त रोक लगाने की मांग की थी।
उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पुलिस चाइनीज मांझे के पूरे अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सख्त अभियान चलाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।





